2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक हुए आठ हजार आवास स्वीकृत

बीते वित्तीय वर्ष 2016-17 के 16 सौ आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। तीन हजार तीन सौ आवास निर्माण का कार्य शेष हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

Anushree Joshi

•

Updated: 23 Nov 2017, 11:00 AM IST

housing scheme

प्रधानमंत्री आवास योजना में चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 के लक्ष्य 9 हजार 16 आवासों में से अभी तक 81 सौ आवासों की स्वीकृतियां जारी कर दी गई है। बीते वित्तीय वर्ष 2016-17 के 16 सौ आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। तीन हजार तीन सौ आवास निर्माण का कार्य शेष हैं। बकाया आवासों को पूरा करने के लिए जिला परिषद के स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

लक्ष्य 9 हजार 16

जिला परिषद की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले में आवासों के लक्ष्य 9 हजार 16 में से 5 हजार 38 अनुसुचित जाति के लिए प्रस्तावित किए गए। सामान्य जाति के लिए 3 हजार 133 का लक्ष्य रखा गया।

950 आवासों की स्वीकृतियां बची

अल्पसंख्यक के लिए 363 के लक्ष्य के विरूद्ध 500 आवास आवंटित कर दिए गए। सामान्य व्यक्तियों के लिए आवंटित आवासों की भी स्वीकृति जारी कर दी गई। अनुसूचित जाति के आवेदक नहीं आने से 950 आवासों की स्वीकृतियां बची हुई है।

पिछली योजना की यह रही स्थिति
2002 में जिले में आवासहीन लोगों की सूची बनाई गई। इसमें 70 हजार आवासहीन लोग सूचीबद्ध किए गए। इसमें से मात्र 8 हजार आवास बने। साल 2011-12 में इंदिरा आवास योजना में 36 हजार 91 आवासों की स्वीकृति की गई। इसमें से अभी तक 24 आवास बकाया चल रहे हैं। साल 2016-17
में 4 हजार 948 आवासों की स्वीकृति जारी की गई। इसमें से 1600 ही पूरे हुए हैं। 3 हजार 348 बकाया चल रहे हैं।

आवास योजना में अभियान के तहत काम
प्रधानमंत्री आवास योजना में अभी सर्वोच्च प्राथमिकता से काम चल रहे हैं। इस योजना में अभी जिला प्रदेश में 15 वें स्थान पर है। चालू वित्तीय वर्ष में अधिकांश स्वीकृतियां जारी कर दी गई है। अनसूचित जाति के 975 आवासों की स्वीकृति शेष है। पिछले वर्ष के बकाया आवासों का कार्य 30 नवम्बर तक अभियान चलाकर पूरा किया जा रहा है। इसमें बीईडीओ, जेईएन, पीईओ ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर कार्य पूरे करवा रहे हैं।
संगीता सोलंकी, अधीक्षण अभियंता, जिला परिषद बीकानेर