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सजे-संवरे रथों पर हुए सवार, महाआरती के बाद निकली सवारी

श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए भगवान जगन्नाथ जेलरोड स्थित प्राचीन मंदिर से बाहर निकले।
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rath yatra Chariot Festival

rath yatra Chariot Festival

बीकानेर. श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए भगवान जगन्नाथ शनिवार को जेलरोड स्थित प्राचीन मंदिर से बाहर निकले। सजे-संवरे तीन रथों में भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ रसिक शिरोमणी मंदिर के लिए निकले तो श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल लोगों के लिए शीतल जल, पेय पदार्थ पिलाने की व्यवस्था की गई। पुजारी गणेश पांडे के अनुसार भगवान नौ दिन तक रसिक शिरोमणी मंदिर में ही विश्राम करेंगे। वहां रोजाना पूजा-आरती होगी। भगवान २२ जून को पुन: अपने आवास (मंदिर) आएंगे।

सबसे आगे बलभद्र
जेलरोड स्थित जगन्नाथ भगवान के प्राचीन मंदिर में शाम छह बजे महाआरती की गई। इसमें भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा व जगन्नाथ की प्रतिमाओं को सजे-संवरे रथों में बिठाया गया। सबसे आगे बलभद्र, बीच में सुभद्रा व पीछे के रथ में भगवान जगन्नाथ सवार थे। गाजे-बाजे के साथ रथ यात्रा कोटगेट, केईएम रोड, सार्दुलसिंह सर्किल होते हुए रतनबिहारी पार्क परिसर स्थित रसिक शिरोमणी मंदिर पहुंची।

भक्तिमय हुआ माहौल
'राधे-राधे बरसाने वाली राधेÓ, 'श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारीÓ जैसे भजनों के साथ रथयात्रा जहां से भी निकली, माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु जयकारों के साथ झूमते-गाते सवारी को लेकर निकले।

इनकी रही भागीदारी
रथयात्रा में पुजारी परिवार के सदस्यों के साथ पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा, महापौर नारायण चौपड़ा, महावीर रांका, बीडी कल्ला, यशपाल गहलोत, गोकुल जोशी, राधेश्याम मीणा, घनश्याम लखानी, देवकिशन चांडक, श्याम सुंदर, विजय उपाध्याय, पं. राजेन्द्र किराड़ू, मगन बिस्सा आदि शामिल हुए। इससे पूर्व सुबह उद्योगपति शिवरतन अग्रवाल ने मंदिर में दर्शन के बाद रथयात्रा की तैयारियों का जायजा लिया।

शिविर में मरीज हुए लाभान्वित

बीकानेर. श्री साधुमार्गी जैन महिला समिति की ओर से त्रिमूर्ति प्राकृतिक उपचार एवं शोध संस्थान के सहयोग से बांठिया हॉल भीनासर में प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया। शनिवार को मरीजों ने शिविर का लाभ उठाया। शिविर में रेकी एक्यूप्रेशर एवं सूजोग पद्धति से उपचार किया जा रहा है। डॉ. रामकुमार शर्मा, डॉ. सुर्जन सिंह भाटी, डॉ. सुखदेव जोशी, डॉ. अनिल शर्मा व सुनील सेवाएं दे रहे हैं।

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