गीता जयंती पर श्री धनीनाथ गिरि मठ पंच मंदिर में सामूहिक रूप से गीता के पाठ हुए। इस अवसर पर हरिद्वार से आए स्वामी तपेश्वरानन्द ने कहा कि गीता का अनुशीलन मानव मात्र का कर्तव्य है। ट्रस्टी मुरली महाराज व्यास ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण ने गीता के माध्यम से मानव जाति को निष्काम कर्म का संदेश दिया। ट्रस्टी जानकी नारायण श्रीमाली के अनुसार पुजारी भवानी शंकर ने शंखनाद से गीता का समूहिक पारायण प्रारम्भ हुआ, जो विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ के साथ पूरा हुआ। इस अवसर पर भवानी सिंह राठौड़, इन्द्रा व्यास, संजय, अशोक, रामचन्द्र, प्रकाश वेदपाठी आदि ने पाठक नेतृत्व किया।