16 स्थानों पर पोखने की रस्म
हर्ष जाति का दुल्हा हर साल धुलंडी के दिन बारात के साथ कीकाणी व्यास, लालाणी व्यास, मूंधड़ा और दम्माणी परिवार के निर्धारित मकानों के आगे पहुंचता है। राधा किशन हर्ष के अनुसार इस दुल्हे को निर्धारित 16 मकानों के आगे महिलाएं पोखने की रस्म निभाती है और बारातियों का स्वागत किया जाता है।