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दो गंभीर मरीज को लगाया टोसिलिजूमैब इंजेक्शन

एंटी बॉडी टेस्ट किट का इंतजारप्लाज्मा देने के लिए तीन डोनर तैयार
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बीकानेर

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Jai Prakash Gahlot

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Updated: 31 Jul 2020, 7:31 PM IST

दो गंभीर मरीज को लगाया टोसिलिजूमैब इंजेक्शन

दो गंभीर मरीज को लगाया टोसिलिजूमैब इंजेक्शन

मरीजों को टोसिलिजूमैब इंजेक्शन देना शुरू, जल्द होगी प्लाज्मा थैरेपी
बीकानेर। प्रदेश में कोरोना से बढ़ती मौतों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। मुख्यमंत्री ने कोरोना के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए टोसिलिजूमैब इंजेक्शन और रेमडेसिविर जैसी कारगर दवा का उपयोग करने के निर्देश दिए।

इसके बाद पीबीएम अस्पताल में टोसिलिजूमैब इंजेक्शन और रेमडेसिविर दवा की आपूर्ति कर दी गई है। पीबीएम अस्पताल में अब तक ४४ कोरोना पीडि़तों की मौत हो चुकी हैं। ऐसे में सरकार के निर्देश पर अति गंभीर रोगियों के जीवन को बचाने के लिए प्रदेश में पीबीएम अस्पताल दूसरा अस्पताल है जहां, कोरोना मरीजों को टोसिलिजूमैब इंजेक्शन दिया जाने लगा है। पीबीएम के सुपर स्पेशिलयिटी ब्लॉक में भर्ती एक मरीज को यह इंजेक्शन दिया जा चुका है। अब दो और मरीजों को यह इंजेक्शन देने की तैयारी की जा रही है।

एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. शैतानसिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में कोरोना के दो गंभीर रोगियों को टोसिलिजूमैब इंजेक्शन देना शुरू किया है। रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगलवार देररात को सरकार की ओर से की गई सप्लाई में उपलब्ध हुआ है, जिसे मरीजों को बुधवार से देना शुरू करेंगे।

इस तरह समझे दवा का उपयोग
प्राचार्य डॉ. राठौड़ ने बताया कि कोरोना वायरस के इलाज में नई दवा (टोसिलिजूमैब) सामने आई है जो कारगर है। इस दवा में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है। यह दवा सरकार ने नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है। साथ ही कोरोना वायरस को मारने के लिए रेमडेसिविर दवा भी सरकार ने उपलब्ध कराई है, यह दवा मंगलवार देररात को बीकानेर पहुंची है। बुधवार से यह दवा मरीजों को दी जाने लगेगी।

पहले दो इंजेक्शन, फिर प्लाज्मा थैरेपी
प्राचार्य डॉ. राठैड़ ने बताया कि अति गंभीर रोगियों को टोसिलिजूमैब का एक इंजेक्शन लगाया जाता है। इसके बाद १२ घंटे तक इंतजार करते हैं। १२ घंटे बाद कोई रेस्पोंस नहीं आने पर दूसरा इंजेक्शन लगाएंगे। इसके बाद भी कोई रेस्पोंस नहीं आने पर प्लाज्मा थैरेपी पर विचार किया जाएगा। इसी तरह जिस मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया जाएगा। उस मरीज को पांच दिन में रेमडेसिविर के छह इंजेक्शन लगाए जाएंगे। इसके बाद मरीज को प्लाज्मा थैरेपी चालू की जाएगी।