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‘धड़ धूजै माथा पडै, फेर स्वर्ग में वास’

आचार्य चौक में मंचित होगी वीर रस प्रधान अमर सिंह राठौड़ रम्मत  
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बीकानेर

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Vimal Changani

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Updated: 26 Mar 2021, 12:20 PM IST

‘धड़ धूजै माथा पडै, फेर स्वर्ग में वास’

‘धड़ धूजै माथा पडै, फेर स्वर्ग में वास’

बीकानेर. ‘काकी म्हारी हुकुम देवो तो लूंटू आगरो’,‘खांडो म्हारो तेज है सदा पागडै जीत’, ‘मदमाता गज घूमता तुरंत उखाड़ा दंत’ और ‘धड़ धूजै माथा पडै फेर स्वर्ग में वास’ सरीखे वीर रस से ओत-प्रोत गीत और दोहों की गूंज से हर कोई रोमांचित हो उठेगा। यह अवसर होगा 26 मार्च की रात से 27 मार्च की सुबह तक आचार्य चौक में मंचित होने वाली वीर रस प्रधान रम्मत अमर सिंह राठौड़ का। मां राय भवानी स्वरूप के अखाड़े में अवतरण के साथ रम्मत का आगाज होगा। रम्मत कलाकार और श्रद्धालु ‘म्हारी राय भवानी जागै, नव दुर्गा माता जागै’ स्तुती वंदना करेंगे। इसके बाद रम्मत के कथानक अनुसार कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं निभाएंगे। पूरी रात वीर रस से ओत प्रोत इस रम्मत का मंचन होगा।

यह है कथानक
अमर सिंह, हाडी रानी, रामसिंह, बादशाह, बीबी शेरखां पठान आदि पात्रों के माध्यम से रम्मत का मंचन होता है। इसमें आन, बान और शान के लिए अपना जीवन दांव पर लगाकर वीरता और शौर्यता को गीत और दोहों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। गलत बात के आगे न झुकने और दुश्मन से भरे दरबार में बदला लेकर वीरता का प्रदर्शन बताया गया है। अमर सिंह के साथ-साथ हाडी रानी और रामसिंह की वीरता और युद्ध में विजय का गौरव के साथ वर्णन होता है। रम्मत में चुगलखोरी, धोखा और कायरता का भी उल्लेख विभिन्न पात्रों के माध्यम से होता है। राजस्थानी वीरो की वीरोचित सोच और व्यवहार को रम्मत के दौरान मंचित किया जाता है।

आचार्य चौक
रम्मत - अमर सिंह राठौड़
संस्थान - अमर सिंह राठौड़ रम्मत समिति
रम्मत का मंचन - 26 की रात व 27 की सुबह
अखाड़ा - उस्ताद मेघसा
कलाकार - डॉ. मेघराज आचार्य, दीनदयाल आचार्य, बद्री दास जोशी, सुरेश आचार्य, विप्लव व्यास, अनिरुद्ध आचार्य, दीपक आचार्य, पुरुषोतम आचार्य, मूलंचद आचार्य, योगेश, नीतेश, नवनीत नारायण व्यास, गजेन्द्र, विजय आचार्य, किशन लाल पुरोहित, द्वारका दास, हर्ष वद्र्धन, लक्की आचार्य।
सहयोगी कलाकार - मिश्रीलाल आचार्य, शिव शंकर, दुर्गा शंकर, विजय आचार्य, श्रीगोपाल आचार्य, श्याम लाल आचार्य, मोहित आचार्य, आनन्द आचार्य, आनन्द जोशी, आनन्द व्यास, शेखर आचार्य, नवीन आचार्य आदि।
नगाड़ा - नवनीत नारायण व्यास, सत्य नारायण व्यास, राजू पुरोहित