
विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी, पत्रिका फोटो
बृजमोहन आचार्य
भारतीय वायु सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी जैसी बहादुर बेटियां सेना में अब गांव-गांव से पहुंचेगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम को देश के सामने रखने वाली ये बेटियां प्रदेश की स्कूली बालिकाओं के लिए रोल मॉडल की तरह है। सेना में जाने की तैयारी करने के लिए अब प्रदेश में संभाग स्तर पर बालिका सैनिक स्कूल खोले जाएंगे।
इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। ये सैनिक स्कूल आवासीय होंगे। बालिकाओं का रहना-खाना तथा सैन्य संबंधी तैयारी सहित तमाम सुविधा नि:शुल्क मिलेगी। शिक्षा विभाग ने पहले चरण में पांच संभागों कोटा, जयपुर, बीकानेर, भरतपुर और अजमेर में बालिका सैनिक स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू की है।
सबसे पहले बीकानेर के जयमलसर गांव में बालिका सैन्य स्कूल शुरू होगा। 11 जुलाई को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इसका शिलान्यास करेंगे। बालिका सैन्य स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित की जाएगी। ऐसे विद्यालय में कितनी सीटें रहेगी, इस पर मंथन चल रहा है।
शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बालिका सैन्य आवासीय स्कूल सभी संभागों में खोले जाने प्रस्तावित है। इसके लिए भारतीय सेना से सैन्य अधिकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। स्कूल सभी संभागों में खोले जाएंगे। इनमें सेना में भर्ती कैसे होती है और क्या-क्या मापदंड पूरे करने हैं, इससे अवगत कराया जाएगा। बीकानेर के जयमलसर में स्कूल का शिलान्यास जल्द किया जाएगा।
Updated on:
08 Jul 2025 09:34 am
Published on:
08 Jul 2025 09:31 am
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