3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

World Blood Donor Day 2018 : खून की कमी से नहीं जा सके किसी की जान, जागरूक रक्तदाता कर रहे कमी पूरी

World Blood Donor Day 2018 : खून की कमी से किसी की जान नहीं जा सके। इसके लिए रक्तदान शिविरों तथा रक्तदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

dinesh kumar swami

•

Updated: 14 Jun 2018, 8:06 AM IST

World Blood Donor Day 2018

World Blood Donor Day 2018

बीकानेर. जिले में रक्तदान के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ी है, ताकि खून की कमी से किसी की जान नहीं जा सके। इसके लिए रक्तदान शिविरों तथा रक्तदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। समाजसेवी, राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठन इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शहर के अलावा गांवों में भी रक्तदान शिविर लग रहे हैं और इनमें पुरुषों के साथ युवा और महिलाएं भी रक्तदान कर रही हैं।

पीबीएम अस्पताल के ब्लड बैंक के आंकड़ों के अनुसार हर साल रक्तदान करने वालों की संख्या बढ़ रही है। अब लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह एवं विशेष दिन पर रक्तदान शिविर लगाते और रक्तदान करते हैं। दस सालों में रक्तदान करने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। अब मरीजों को रक्त लेने के लिए भागना नहीं पड़ता। पीबीएम से रक्त मिलिट्री अस्पताल, रेलवे अस्पताल, नोखा, देशनोक, लूणकरणसर, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़ एवं निजी अस्पतालों में अधिकृत चिकित्सक की सिफारिश पर भेजा जाता है।

कई मरीजों को पड़ती बार-बार जरूरत
दुर्घटना, प्रसवकाल और ऑपरेशन में अत्यधिक खून बह सकता है और पीडि़त लोगों को खून की आवश्यकता पड़ती है। थैलेसिमिया, ल्यूकिमिया, हीमोफिलिया जैसे कई रोगों से पीडि़त व्यक्तियों को बार-बार रक्त की आवश्यकता रहती है। रक्तदान से मिला रक्त जरूरतमंद लोगों को चढ़ाया जाता है। रक्तदान से कमजोरी की धारण आधारहीन है। तीन माह में एक बार रक्तदान किया जा सकता है। १८ वर्ष के बाद कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।

इस साल 14 हजार यूनिट संग्रहीत
पीबीएम के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. देवराज आर्य ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभिन्न संगठनों ने जिले में ९८ रक्तदान शिविर लगाए और २९,१३६ यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसमें १० हजार यूनिट रक्त स्वैच्छिक रक्तदान शिविर से आया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ३० शिविरों में १४४७० यूनिट रक्त एकत्र किया गया है।

डॉ. आर्य ने कहा कि जितना रक्त संग्रहीत होता है, उतना ही मरीजों को चढ़ा दिया जाता है। दस वर्ष पहले रोजाना ५० से ६० यूनिट की खपत होत थी, अब हर दिन १५० से १६० यूनिट की खपत हो रही है। पीबीएम ब्लड बैंक में करीब ३५० रक्तदाताओं के मोबाइल नंबर हैं, जिन्हें जरूरत पडऩे पर बुलाया जाता है। ६०-६५ संस्थाएं भी रक्तदान शिविर लगाती है। पीबीएम अस्पताल में गुरुवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।

१०१ बार रक्तदान
&मैं १०१ बार रक्तदान कर चुका हूं और लोगों को प्रेरित करता हूं। बीकानेर जिले में रक्तदाता बढ़े हैं, क्योंकि युवा इसके महत्व को समझने लगे हैं। रक्तदान शिविरों में लोग सहयोग करने लगे हैं।
दिनेश भदौरिया, रक्तदाता

दूसरों को करें प्रेरित
क्लब की ओर से रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं। इस साल दो शिविर लगवा चुके हैं। यह क्रम जारी रहेगा। युवा रक्तदान करने में रुचि लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
किशन मूंधड़ा, अध्यक्ष, रॉटरी क्लब बीकानेर


पीबीएम में संग्रहीत किया गया रक्त
वर्ष यूनिट
२०१२ २५०००
२०१३ २६३२४
२०१४ ३०७००
२०१५ २८०२१
२०१६ २९१०७
२०१७ २९१३६
२०१८ १४४७०