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20 से 40 फिट गिरा जलस्तर बोर सूखे, बजी खतरे की घंटी

ठेकेदारों ने विकास कार्य के नाम पर डेढ़ माह में 70 जगहों पर पाइप लाइनों को क्षतिग्रस्त कर निगम के जलकार्य अमले की मुसीबत बढ़ा दी है।
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 2 May 2018, 1:57 PM IST

water lavel

बिलासपुर . लगातार गिर रहे जलस्तर ने खतरे का अलार्म बजा दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों के भूगर्भ जल में 20 से 40 फीट की गिरावट दर्ज की गई है। यही वजह से ही शहर के वार्डों से लगातार बोर फेल होने की शिकायतें मिल रही हैं। गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने गर्मी पूर्व तैयारी को लेकर गंभीरता नहीं बरती। ऊपर से ठेकेदारों ने विकास कार्य के नाम पर डेढ़ माह में 70 जगहों पर पाइप लाइनों को क्षतिग्रस्त कर निगम के जलकार्य अमले की मुसीबत बढ़ा दी है। शहर के विभिन्न इलाकों के भूगर्भ जलस्तर में आई 20 से 40 फीट गिरावट के कारण व्यापार विहार, तारबाहर, गणेशनगर, चिंगराजपारा और चांटीडीह में जलसंकट की स्थिति रही इन इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा सभी जगह बोर में 30 से 40 फीट तक पाइप लाइन डालकर जलापूर्ति को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। चिंगराजपारा समेत विभिन्न वार्डों में मंगलवार को पाइप लाइन डालकर जलापूर्ति की व्यवस्था बनाई गई।
सूख गए बोर : चांटीडीह सब्जी मार्केट के सामने बोर बंद होने की शिकायत पर पहुंचे निगम अमले ने नल को खोलकर चेक किया तो पता चला कि यहां बोर ही सूख गया है। इसके बाद अमला लौट आया।
इन क्षेत्रों में ऐसे हैं हालात : नदी तट से लगे पंप हाउसों के जलस्तर में जहां 12 से 15 फीट के बीच गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांटीडीह, चिंगराज समेत ऊंचाई वाले इलाकों में गिरावट 40 फीट तक पहुंच गई है। अन्य इलाकों में 20 से 30 फीट की गिरावट आई है।
अंधड़ के कारण शाम को नहीं मिला पानी : मंगलवार को दोपहर के समय हुई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली ठप होने से निगम के मुख्य पानी टंकी समेत शहर के सभी पानी टंकियों को नहीं भरा जा सका। इससे शहर के ज्यादातर इलाके में जलापूर्ति भी ठप रही। वार्डों में लोग पीने और निस्तारी के पानी के लिए टैंकर का इंताजार करते रहे, या आसपास के हैंडपंप और जलस्रोतों से पानी भरकर लाते रहे।
हेल्प लाइन में आई दर्जन भर शिकायतें : लगातार गहरा रहे जल संकट की स्थिति को देखते हुए निगम प्रशासन ने मंगलवार से शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन की सुविधा शुरू की है। यहां तीन पालियों में 3 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मंगलवार को पूरे दिन कर्मचारियों के मोबाइल और हेल्पलाइन नंबर के फोन घनघनाते रहे। हेल्पलाइन सेंटर में दर्जन भर से अधिक लीकेज और बोर फेल होने तथा पाइप लाइन टूटने की शिकायतें आई हैं।
अतिरिक्त पाइप डालकर व्यवस्था बनाई जा रही है : नदी तट से लगे इलाके में 10 से 12 फिट, बीच में लगभग 25 से 30 फीट और नदी तट से दूर अशोक नगर, गणेश नगर समेत अन्य इलाकों में अभी तक जल स्तर लगभग 40 फिट गिर गया है। सभी जगह अतिरिक्त पाइप लाइन डालकर जलापूर्ति की व्यवस्था बनाई जा रही है।
अजय श्रीवासन, सहायक अभियंता जलकार्य विभाग