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देखिए वीडियो: पल भर में ही लड़की को गायब कर देती है यह खूबसूरत जादूगरनी

जादूगर का नाम सुनते ही जहन में एक लंबी मूछों वाले आदमी का चेहरा सामने आता है, लेकिन आज हम जादूगर नहीं बल्कि एक खूबसूरत जादूगरनी से मिलवा रहे हैं
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Kajal Kiran Kashyap

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Updated: 25 Aug 2016, 9:22 PM IST

suhani shah

suhani shah

बिलासपुर.
जादूगर का नाम सुनते ही जहन में एक लंबी मूछों वाले आदमी का चेहरा सामने आता है, लेकिन आज हम जादूगर नहीं बल्कि एक खूबसूरत जादूगरनी से मिलवा रहे हैं। जो सात साल की उम्र से जादूगरी के इस क्षेत्र में लोगों को अपने हुनर से अचंभित कर रही हैं। राजस्थान के उदयपुर में जन्मी सुहानी शाह भारत की इकलौती जादूगरनी है, जो आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने प्रोग्राम कर अपने इस इल्म से लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर रही है। बिलासपुर में अपना शो करने आई सुहानी से पत्रिका ने खास मुलाकात की। इस दौरान सुहानी ने खुलकर अपने बारे में बात की।


सुहानी ने बताया कि वह 19 सालों से लगातार देश-विदेश में जादू का खेल दिखा रही हैं। उन्होंने मैजिशियन बनने के लिए खुद ही कई तरह की ट्रिक इजाद की हैं। उनके साथ 40 लोगों की पूरी टीम काम कर रही हैं। सुहानी पल भर में ही स्टेज पर लड़की को गायब कर देती हैं। उनके शो के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण का केन्द्र रैंप वॉक होता है। इसमें मॉडल के कपड़े पल भर में ही बदल जाते हैं। सुहानी ने बताया कि जादू करना उन्होंने किसी से नहीं सीखा। वह मैजिशियन होने के साथ-साथ सम्मोहन करना भी जानती हैं। वह कॉरपोरेट ट्रेनर भी हैं। जहां वह मेडिटेशन कराती हैं।


लिख चुकी हैं पांच किताबें

सुहानी ने कक्षा पहली तक ही पढ़ाई की है। उन्होंने बताया वह पहली कक्षा के बाद कभी स्कूल नहीं गईं। इसके बाद भी मैजिशियन और सम्मोहन पर पांच किताबें लिख चुकी हैं। देश-विदेश में शो करने के बाद वह फुर्सत के समय किताबें लिखती हैं। वह फर्राटेदार अंग्रेजी भी बोलती हैं। उदयपुर में जन्मी सुहानी फिलहाल गोआ में रहती हैं।


विश्वास ही जादू

26 साल की सुहानी ने बताया कि विश्वास ही जादू है। अगर आप किसी में विश्वास करते हैंं, तो उसका असर भी दिखाई देगा। फिर चाहे वह जाूद, आस्था या फिर अंध विश्वास ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि यह कोई जादू नहीं बल्कि हाथ की सफाई व कला है। जिसे उन्होंने काफी पहले सीखा था। बाद में रुचि के अनुसार उसमें लगातार और बेहतर कर रही हैं। यह अभ्यास के कारण ही संभव हो सका।