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हाथ से खिसक न जाएं सियाराम, इसलिए खबर पढ़ते ही दिया टिकट

इससे पहले जोगी के साथ रहने वाले सियाराम कौशिक को जकांछ की सदस्यता नहीं दी गई थी।
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 26 Oct 2018, 12:44 PM IST

cg election 2018

हाथ से खिसक न जाएं सियाराम, इसलिए खबर पढ़ते ही दिया टिकट

बिलासपुर. बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी के साथ उनके पार्टी छोडऩे के पहले दिन से जुड़े हैं। लेकिन उनको सबसे पीछे टिकट दिया गया है। सियाराम कौशिक को लेकर पत्रिका में 25 अक्टूबर को खबर प्रकाशित की गई। इससे हड़बड़ाए जकांछ नेताओं ने गुरुवार को ही आनन फानन में सियाराम को बिल्हा से जकांछ का प्रत्याशी घोषित कर दिया। जकांछ के नेताओं को डर हो गया था कि सियाराम कहीं जकांछ छोड़कर फिर कांग्रेस न चले जाएं। अजीत जोगी ने मरवाही विधान सभा के कोटमी के मैदान में 6 जून 2016 को एक सभा आयोजित कर नई पार्टी बनाने की बात कही लेकिन अधिकृत घोषणा नहीं की थी। फिर उन्होंने 21 जून 2016 को मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह के गांव ठाठापुर में कांग्रेस छोड़कर अलग पार्टी बनाने की घोषणा की। इससे पहले जोगी के साथ रहने वाले सियाराम कौशिक को जकांछ की सदस्यता नहीं दी गई थी।

वे जोगी कांग्रेस के साथ हर आंदोलन में भाग लेते थे। लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ नोटिस देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। तब कांग्रेस के बड़े नेताओं को उम्मीद थी कि सियाराम घर वापसी कर लेंगे। नोटिस और जुबानी जंग के बीच दिन गुजरता गया और चुनाव की तारीख की घोषणा हो गई। जकांछ और बसपा का गठबंधन होने के बाद प्रत्याशियों की घोषणा भी हो गई लेकिन बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक को पार्टी से चुनाव लडऩे के लिए अधिकृत नहीं किया गया था। सियाराम कौशिक को लेकर 25 अक्टूबर के अंक में पत्रिका में खबर प्रकाशित की गई, जिससे जोगी कांग्रेस के नेता घबरा गए है। पत्रिका को सियाराम ने बयान दिया था कि जकांछ की सदस्यता उनके पास नहीं है, वे कांग्रेस से ढाई साल से अलग हैं। इसके बाद भी कांग्रेस के सदस्य हैं। इधर कांग्रेस नेता उनके बेटे को फोन कर सियाराम की वापसी का दबाव बना रहे थे। शायद इससे सियाराम का मन भटक रहा था। जोगी कांग्रेस ने सियाराम को उनकी पुराने सीट बिल्हा से प्रत्याशी बनाकर चुनाव लडऩे के लिए अधिकृत कर दिया है। वहीं गुंडरदेही से आरके राय का भी टिकट फाइनल कर दिया।

डगर कठिन लेकिन मुश्किल भी नहीं : बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक ने पत्रिका को बताया कि मुझे जकांछ से बिल्हा विधानसभा का प्रत्याशी बनाया गया है। कुछ कारण वश देर हुई है, लेकिन मुझे किसी बात का दुख नहीं है। बिल्हा विधानसभा चुनाव इस बार काफी कठिन रहेगा। भाजपा के लोग हर बार की तरह इस बार भी पैसा बहाएंगे, वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में रहेगें। लेकिन यहां की यह भी खासियत है कि पैसा बहाने वालों को यहां की जनता पसंद नहीं करती है।