1 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शिक्षा विभाग में 40 कर्मचारियों के चयन की फर्जी सूची वायरल, अधिकारियों में मचा हड़कंप

Bilaspur News: शिक्षा विभाग में अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से चयन सूची जारी हो गई। यह सूची इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगी। जैसे ही यह सूची विभाग के अधिकारियों तक पहुंची, हड़कंप मच गया।
2 min read
Google source verification
शिक्षा विभाग में 40 कर्मचारियों के चयन की फर्जी सूची वायरल, अधिकारियों में मचा हड़कंप

CG News: बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग में अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से चयन सूची जारी हो गई। यह सूची इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगी। जैसे ही यह सूची विभाग के अधिकारियों तक पहुंची, हड़कंप मच गया। डीईओ ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, यह शिकायत थाने तक नहीं पहुंची है।

जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि करीब चार महीने पहले विभाग में भर्तियां हुई थीं। इसके बाद भर्ती के लिए कोई विज्ञापन नहीं निकला है। सोमवार दोपहर को एक चयन सूची इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही थी। समग्र शिक्षा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से जारी इस सूची में करीब 40 लोगों के नाम थे।

इस सूची में कई लोगों को अलग-अलग कारणों से अपात्र बताया गया, जबकि कई लोगों को पात्र घोषित किया गया। सूची मिलते ही उन्होंने विभाग के जिमेदार लोगों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि संबंधित अधिकारी ने इस तरह के किसी दस्तावेज में हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

यह भी पढ़े: सरकारी मेडिकल ऑफिसर के नाम साथ लिखा ‘फर्जी डॉक्टर’ वायरल होते ही हिल गया स्वास्थ्य विभाग

उन्होंने जारी सूची में हस्ताक्षर को फर्जी बताया। इसके बाद डीईओ ने विभाग के अन्य अधिकारियों को मामले में सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, विभाग के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह सूची विभाग के लोगों तक कहां से पहुंची। इधर, सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत शिक्षा विभाग से अब तक नहीं मिली है।

ठग गिरोह की हो सकती है करतूत

विभाग के अधिकारियों ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि यह ठगी करने वाले किसी गिरोह की हरकत हो सकती है। इसके सहारे जरूरतमंद युवाओं से रुपये ऐंठने का प्रयास किया गया होगा। फिलहाल, मामले में कोई पीड़ित सामने नहीं आया है। पीड़ित के सामने आने पर इस गिरोह से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।