4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

8500 शिक्षाकर्मी काम पर लौटे कांग्रेसियों को टालना पड़ा बंद

जिले के 9 हजार शिक्षाकर्मी समेत राज्य के लगभग 1.80 लाख शिक्षा कर्मी शामिल हुए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बिलासपुर

•

image

Anil Kumar Srivas

•

Updated: 6 Dec 2017, 11:45 AM IST

congress party

बिलासपुर . 13 दिन तक हड़ताल के बाद शिक्षक पंचायत, नगरीय निकाय मोर्चा ने सोमवार आधी रात को हड़ताल नि:शर्त वापस ले ली। मंगलवार को लगभग साढे़ 8 हजार शिक्षाकर्मी काम पर लौट गए। दूसरी तरफ हड़ताल के मद्देनजर बुधवार को जिला पंचायत सामान्य प्रशासन समिति की प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई। जिला पंचायत में दिनभर स्कूलों के प्राचार्यव प्रधान पाठक शिक्षाकर्मियों की उपस्थिति की रिपोर्ट भेजते रहे। इधर शिक्षाकर्मियों क हड़ताल समाप्त होते ही कांग्रेसियों ने भी छत्तीसगढ़ व शहर बंद वापस ले लिया। वे आंदोलन स्थल नेहरू चौक पहुंचे थे, लेकिन शिक्षाकर्मी नहीं मिले। शिक्षक पंचायत,नगरीय निकाय मोर्चा ने शिक्षा कर्मियों के संविलियन, समान काम-समान वेतन समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर 20 नवंबर से अनिश्चितकालीन प्रदेशव्यापी आंदोलन प्रारंभ किया था। इसमें जिले के 9 हजार शिक्षाकर्मी समेत राज्य के लगभग 1.80 लाख शिक्षा कर्मी शामिल हुए।

बैठक स्थगित : जिपं. सामान्य प्रशासन समिति की बुधवार को बैठक प्रस्तावित थी। इस बैठक में हड़ताल में शामिल शिक्षाकर्मियों के खिलाफ निलंबन संबंधी एजेंडा प्रमुख था। लेकिन एक दिन पहले ही हड़ताल समाप्त होने की वजह से जिपं. सामान्य सभा की बैठक स्थगित कर दी गई।
बर्खास्तगी आदेश का इंतजार : जिला पंचायत में मंगलवार को कार्यालयीन समय पर जिले के 4 शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त करने संबंधी आदेश का इंतजार होता रहा। शाम तक यह आदेश नहीं पहुंचा। इस मामले में अधिकारी कुछ कहने से कतराते रहे। उल्लेखनीय है कि रिाजधानी से सोमवार को 41 को बर्खास्त करने का आदेश प्रसारित हुआ था। इनमें जिले के 4 शिक्षाकर्मियों के नाम शामिल हैं।
बंद कराने निकले कांगे्रसी बैरंग लौटे : प्रदेश कांगे्रस कमेटी ने शिक्षा कर्मियों के हड़ताल के समर्थन में मंगलवार को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया। सुबह नेहरू चौक पर शहर व जिले के कांगे्रस पदाधिकारी शिक्षाकर्मियों के धरना स्थल नेहरू चौक पर पहुंचे। लेकिन यहां कोई भी शिक्षाकर्मी नहीं मिला। हालांकि पुलिस के अधिकारी दल-बल के साथ मौजूद थे। कांगे्रसियों ने उसी वक्त बंद वापस लेने की घोषणा कर दी।

शिक्षाकर्मी लौटे स्कूल : जिले में मंगलवार को लगभग 8500 शिक्षाकर्मी अपने-अपने स्कूलों में उपस्थित हो गए हैं। जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी हरजीत सिंग ने बताया कि जिले के ज्यादातर हड़ताली शिक्षाकर्मी काम पर वापस आ गए हैं। प्राचार्यों प प्रधान पाठकों ने शिक्षा कर्मियों की उपस्थिति की समय सारिणी बनाकर भेजी।
कोर्स पूरा कराने छुट्टी के दिन भी स्कूलों में होगी पढ़ाई : शिक्षाकर्मियों की हड़ताल के चलते स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित रही। अब कोर्स पूरा कराने के लिए शीतकालीन अवकाश में भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। साथ ही अर्धवार्षिक परीक्षा के लिए दिसंबर तक कोर्स पूरा कर जनवरी के पहले सप्ताह में मूल्यांकन कार्य भी पूरा कराया जाएगा। शिक्षा विभाग इसके लिए आदेश जारी किया है। विभाग के प्रमुख सचिव विकासशील ने कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी करते हुए कहा कि है कि स्कूलों में निर्धारित पाठ्यक्रम के समय में पूर्ण कराने की के लिए एक पाली में संचालित होने वाली समस्त सरकारी स्कूल शनिवार को भी साढ़े 9 बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक लगेंगे। एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं में भी पाठ्यक्रम पूर्ण करने करने के लिए रविवार या फिर अवकाश के दिन भी पढ़ाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही दो पालियों में लगने वाले स्कूलों की टाइमिंग तो वही रहेगी, लेकिन छुट्टी के दिन भी बच्चों को पढ़ाने के लिए कहा गया है। यह आदेश सभी सरकारी स्कूलों के लिए जारी किया गया है। 7 दिसंबर से ही इस पर पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।