
बिलासपुर . सुतड़ा जगाई ना, रूठड़ा मनाई ना ले सर्व सुहागन करबड़ा...जैसे करवा चौथ के पारंपरिक पंजाबी गीत को गाते हुए रविवार की शाम महिलाओं ने थाली फेरते हुए करवा चौथ की कथा सुनते हुए पति के दीर्घायु की कामना की। सोलह शृंगार कर पारंपरिक विधि से महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत बड़े श्रद्धाभाव से किया। दिनभर व्रत के बाद रात में चांद को चलनी से देखने के बाद अपने सुहाग का दीपक सदा जलता रहे इसी कामना से व्रत पूरा किया। प्रेम, विश्वास, सृजन व पवित्रता की डोर से बंधे ईश्वरीय बंधन विवाह की सलामती के लिए रविवार को पंजाबी, मारवाड़ी व स्थानीय सुहागिन महिलाओं ने भी करवा चौथ का व्रत भक्ति भाव से किया। करवा चौथ के महत्व को ध्यान में रखते हुए महिलाओं ने सामूहिक रूप से शिव परिवार, कृष्ण व चंद्र देव की पूजा की। शाम से ही विधि-विधान से पूजा करने के बाद महिलाएं अपने पति के साथ छत पर चंद्रोदय का इंतजार करती रही। रात 8 बजकर 52 मिनट में चंद्रोदय हुआ। चांद को चलनी से देखने के बाद पति का चेहरा देखा। चंद्रमा को अघ्र्य देकर पूजा की। इसके बाद पति की पूजा कर आशीर्वाद लिया। पति ने पत्नी को पानी पिलाकर व्रत को पूरा कराया। आदर्श पंजाबी समाज की महिलाओं ने दयालबंद में करवा चौथ की पूजा की गई। महिलाओं ने पारंपरिक विधि से व्रत करने के साथ ही पूजन किया। थाली फेरते हुए महिलाएं भक्तिभाव से पूजन करती नजर आई। साथ ही पूजन के बाद महिलाओं ने हंसी-ठिठोली करते हुए चांद के दीदार का इंतजार किया।
करवा स्थापित कर रंगोली सजाकर की पूजा : स्थानीय सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत छत्तीसगढ़ी परंपरा से व्रत की विधि पूरी की। महिलाओं ने नई साड़ी पहनकर सुहाग की चुनरी ओढ़कर पूजा की शुरुआत की। करवा स्थापित करने के बाद चारों तरफ स्वास्तिक व रंगोली बनाकर कथा पढ़ते हुए आरती की। इसके बाद भोग में फल व मिठाई अर्पित किया। रात में चंद्रमा को छलनी से देखकर अघ्र्य दिया फिर पति का चेहरा देख पति से आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद अपनी जेठानी व सासू मां को शृंगार की साम्रगी व नई साड़ी देकर आशीर्वाद लिया।
पंजाबी समाज ने किया पूजन : लिंक रोड स्थित नमिता ऋषि के निवास पर करवा चौथ की पूजा की गई। सामूहिक रूप से पंजाबी समाज की नई नवेली दुल्हनों के साथ ही सास-बहु, देवरानी-जेठानी सभी ने मिलकर एक साथ पूजा की। नमिता ऋषि ने बताया कि करवा चौथ का व्रत पंजाबी समाज की महिलाओं का सबसे बड़ा पर्व होता है। इसलिए इस व्रत को करते हुए सभी सामूहिक पूजा करती है। इस दौरान सुनीता छाबड़ा, रेणु, गीता, सिम्मी छाबड़ा, रज्जी भारज, परमिंदर भारज, ज्योति भारज, प्राप्ति भगत, गुडि़या भगत, मानसी मलिक, राजकुमारी वर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
उत्साह का माहौल : श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित साईं परिसर में करवा चौथ की पूजा के दौरान त्योहार सा माहौल रहा। महिलाओं ने सज-संवरकर पूजा करने एकत्रित हुई। साईं परिसर की पूनम हांडा ने बताया कि करवा चौथ की पूजा बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। साईं परिसर की सभी महिलाओं ने मिलजुल कर इस व्रत व पूजन को किया। सभी थाली फेरते हुए कथा सुनकर अपने पतियों की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती रही।
Updated on:
9 Oct 2017, 1:22 PM IST
Published on:
9 Oct 2017, 1:12 PM IST
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