
मौत (Photo source- Patrika)
Suspicious Death: गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग के सीनियर प्रोफेसर नरेंद्र कुमार मिश्रा की कैंपस के स्टाफ क्वार्टर में संदिग्ध मौत हो गई। प्रो. मिश्रा कुछ दिनों से चिंतित और अवसाद में थे क्योंकि हाल ही में कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल ने बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष प्रजापति को बदलकर प्रो. नरेंद्र कुमार मिश्रा से जूनियर एक प्रोफेसर को हेड ऑफ डिपार्टमेंट बना दिया था।
मंगलवार की सुबह प्रो. नरेंद्र कुमार मिश्रा तक़रीबन 6.47 बजे के आसपास अपने कमरे में चीख रहे थे। तभी अचानक वहां से गुज़र रहे सुरक्षाकर्मी रामबाबू क्षत्रिय ने उनके दरवाज़े के पास जाकर आवाज़ दी, लेकिन दरवाज़ा खोलने की जगह प्रो. नरेंद्र की चीख सुनाई दे रही थी। सुरक्षाकर्मी ने दरवाज़ा तोड़कर देखा तो प्रो. नरेंद्र उल्टियां करते हुए ज़मीन पर पड़े हुए थे। उन्हें तत्काल वाहन से सिम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। सप्ताहभर पहले यहां कैंपस के तालाब में छात्र अर्सलान की संदिग्ध अवस्था में शव मिलने के बाद अब प्रो. नरेंद्र की संदिग्ध मौत से कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है।
मौत के बाद प्रबंधन और पुलिस की टीम प्रो. नरेंद्र के डी-1 स्थित क्वार्टर में पहुंची। प्रो. नरेंद्र मूलत: उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। ऐसे में उनके बेटे से संपर्क किया गया। उनके बेटे ने कहा कि वह दिल्ली से निकल रहे हैं, जब तक वह पहुंच न जाएं तब तक न तो पोस्टमार्टम हो और न ही उनके कमरे में कोई प्रवेश करे। ऐसे में सीएसपी गगन कुमार और कोनी टीआई रविंद्र अनंत ने प्रो. नरेंद्र के क्वार्टर के बाहर चैनल गेट पर ताला लगा दिया और सुरक्षा कर्मी का बयान लेकर लौट गए।
कैंपस में हो रही मौत पर असंवेदनशील प्रबंधन लगातार कार्यक्रम कर रहा है। मंगलवार को भी प्रो. नरेंद्र की मौत पर न तो कोई शोक सभा हुई, न मौन धारण किया गया। बल्कि कुलपति प्रो. चक्रवाल ने सभी विभागों के एचओडी को निर्देशित कर छात्रों की कक्षाएं बंद कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने सभागार में बुला लिया।
सिम्स में प्रो. नरेंद्र के शव को रखा गया है, लेकिन उसे देखने के लिए प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कैंपस में एक भव्य एल्डरली इश्यूज़ (बुज़ुर्गों को होने वाली समस्या) को लेकर कार्यक्रम कराया, जिसमें कुलपति आलोक चक्रवाल समेत बाहर से आए अतिथियों ने शिरकत की और व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया।
कैंपस में आयोजित कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। गेस्ट आ चुके थे। ऐसे में कार्यक्रम कैंसिल नहीं कराया जा सकता। वैसे भी किसी की मौत से कैंपस में होने वाले कार्यक्रम व कक्षाओं को तो हम बंद नहीं करा सकते हैं। प्रो. नरेंद्र के बेटे से बात हुई है, उन्होंने कहा कि आने के बाद पीएम कराया जाए, इसलिए शव सिम्स में रखवाया गया है। -प्रो. मनीष श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी, जीजीयू
Updated on:
05 Nov 2025 02:30 pm
Published on:
05 Nov 2025 02:30 pm
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