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‘नहीं लगा रणवीर सिंह पर बैन’ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने बताया क्या है पूरा मामला

Ashok Pandit On Ranveer Singh: फिल्म फेडरेशन (FWICE) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि एक्टर रणवीर पर कोई बैन नहीं लगा है। हम कोई अदालत नहीं हैं जो किसी पर बैन लगा दे। उन्होंने इस पूरे मामले के बारे में सही से लोगों को समझाया है कि आखिर ये पूरा विवाद क्या है…

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Ashok Pandit said Ranveer Singh not Banned FWICE clarifies what action against actor over Don 3 exit

रणवीर सिंह पर नहीं लगा बैन

Ashok Pandit on Ranveer Singh Banned: सुपरस्टार रणवीर सिंह और फिल्म फेडरेशन (FWICE) के बीच चल रहा 'डॉन 3' विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से मीडिया में यह खबरें लगातार आ रही हैं कि फिल्म फेडरेशन ने रणवीर सिंह पर पूरी इंडस्ट्री में काम करने का प्रतिबंध यानी बैन लगा दिया है। अब इन सभी खबरों पर फेडरेशन के अध्यक्ष और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने खुद सामने आकर इसकी सफाई दी है। उन्होंने साफ किया है कि रणवीर सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई कोई हमेशा के लिए लगाया गया प्रतिबंध नहीं है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला...

रणवीर सिंह पर नहीं लगा कोई बैन (Ashok Pandit on Ranveer Singh Banned)

एक इंटरव्यू में इस पूरे बखेड़े पर खुलकर बात करते हुए अशोक पंडित ने कहा, "सबसे पहले तो इस बात को समझने की जरूरत है कि पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया गया है। यह कोई कानूनी प्रतिबंध या बैन नहीं है। हम कोई अदालत नहीं हैं जो लोगों के काम करने पर पाबंदी लगा दें। हमने सिर्फ एक 'असहयोग आंदोलन' का आदेश जारी किया है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि एक ट्रेड यूनियन के नाते हमने अपने 30 अलग-अलग विभागों (जैसे- स्पॉट बॉय, टेक्नीशियन, कैमरामैन) के सदस्यों को यह निर्देश दिया है कि जब तक यह विवाद पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक वे उस सेट या प्रोजेक्ट पर काम न करें जहां रणवीर मौजूद हैं। बाकी किसी के साथ काम करना या न करना, हर सदस्य की अपनी निजी मर्जी है।"

तीन बार बुलाने पर भी नहीं आए रणवीर सिंह (FWICE non cooperation directive Ranveer Singh)

अशोक पंडित ने बताया कि फेडरेशन इस मामले को लड़ाई-झगड़े से नहीं, बल्कि बातचीत से सुलझाना चाहता था। इसके लिए रणवीर सिंह को तीन बार चर्चा के लिए न्योता भेजा गया था, लेकिन वे एक बार भी सामने नहीं आए। पंडित ने नाराजगी जताते हुए कहा, "हमने पूरी कोशिश की और उन्हें तीन बार इनविटेशन भेजा। उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। लेकिन अंत में, जब उन्हें पता चला कि हम इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं, तब उन्होंने एक ईमेल भेजा। उस ईमेल में लिखा था कि यह पूरा मामला फिल्म फेडरेशन के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिसडिक्शन) में ही नहीं आता है। अगर उन्हें ऐसा लगता है, तो ठीक है, हमें कोई दिक्कत नहीं है। अब हम दूसरी निर्माता समितियों और संगठनों के साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे।"

रणवीर ने आखिरी समय पर छोड़ी फिल्म

निर्माताओं के दर्द को बयां करते हुए अशोक पंडित ने कहा कि ऐन वक्त पर किसी बड़े एक्टर या डायरेक्टर का प्रोजेक्ट छोड़ देना किसी भी प्रोड्यूसर की कमर तोड़ देता है। उन्होंने कहा, "हर कोई एक्सेल एंटरटेनमेंट (फरहान अख्तर की कंपनी) नहीं होता, जो करोड़ों का नुकसान हंसकर झेल जाए। अगर किसी छोटे निर्माता के साथ ऐसा हो जाए, तो वह तो आत्महत्या ही कर लेगा।"

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह महीनों की तैयारियों और प्रमोशनल वीडियो शूट होने के बाद अचानक 'डॉन 3' से अलग हो गए, जिससे मेकर्स को करीब 45 करोड़ रुपये का फटका लगा। अशोक पंडित ने अंत में एक उम्मीद जताते हुए कहा कि यह एक पारिवारिक विवाद जैसा है और वे चाहते हैं कि दोनों पक्ष साथ बैठें। अगर हर्जाने की रकम 45 करोड़ नहीं, तो बातचीत से उसे 30 करोड़ या जो भी सही लगे, तय करके इस मामले का अंत करें, क्योंकि आखिरकार पूरी इंडस्ट्री को साथ मिलकर ही काम करना है।