
90 के दशक की सबसे सफल अभिनेत्री मनीषा कोइराला (Manisha Koirala) को कौन नहीं जानता मनीषा ने एक से बढ़कर एक सफल फिल्मों में काम किया हैं। मनीषा मनीषा कोइराला (Manisha Koirala) की लाइफ काफी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। एक्ट्रेस कभी ब्रेकअप तो कभी बीमारी के कारण काफी टूट गई थीं, लेकिन जल्द ही उन्होंने इससे बाहर निकलने की ठानी और वापस उत्साह के साथ अपनी लाइफ को जीना शुरू कर दिया। मनीषा का फिल्मी करियर बहुत लंबा तो नहीं रहा, लेकिन जितना भी रहा है वह उसमें सक्सेसफुल रही हैं। बात अगर उनकी निजी जिंदगी की करें तो, नेपाली मूल की मनीषा एक राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन बचपन से वह इंडिया में ही रहीं। लेकिन उन्होंने अपने लिए करियर के तौर पर फिल्मों को चुना।
मनीषा ने बॉलीवुड में साल 1991 में फिल्म 'सौदागर' से अपना डेब्यू किया था। पहली ही फिल्म उनकी हिट रही थी और यही कारण था कि बॉलीवुड में उनको अच्छी खासी पहचान मिल गई थी। फिल्म हिट होते ही कई और फिल्में भी उनके हाथ आ गई थीं। खास बात ये थी कि मनीषा कोइराला का बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने बदौलत इस इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ली थी। उस वक्त उनकी गिनती अपने समय की टॉप एक्ट्रेसेस में होती थी। उन्होंने '1942 अ लव स्टोरी', 'अकेले हम अकेले तुम', 'अग्नि साक्षी', 'गुप्त', 'दिल से', 'लज्जा' और 'मन' और 'एक छोटी सी लव स्टोरी' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं मनाषा ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर यह मुकाम हासिल किया था। यहां तक कि हीरोइन बनने के लिए उन्होंने एक बार अपनी मां को धमकी तक दे डाली थी।
बता दें मनीषा कोइराला बचपन से ही हीरोइन बनना चाहती थी लेकिन उनके परिवार वाले इसके खिलाफ थे। दरअसल, मनीषा कोइराला कोई छोटे-मोटे परिवार से नहीं हैं बल्कि उनके दादा विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री थे। ऐसे में कोई नहीं चाहता था कि मनीषा फिल्मों में काम करें, हालांकि उन्हें एक्ट्रेस बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी तब कही जाकर वह हीरोइन बनी।
वहीं द कपिल शर्मा शो में मनीषा कोइराला ने इस बात का खुलासा भी किया था कि कैसे उन्होंने हीरोइन बनने के लिए परिवार वालों को मनाया और कैसे उन्होंने फिल्म में काम करना शुरू किया? मनीषा कोइराला के मुताबिक, “मेरी परवरिश बहुत साधारण रही थी मैंने सबसे पहली बार अपनी दादी से कहा था कि मुझे फिल्मों में काम करना है तो उन्होंने कहा था ठीक है जैसा आप चाहो।
ऐसा था कि अगर दादी मान जाती है तो घर में हर कोई भी मान जाएगा इसी के चलते मैंने एक बार दादी को मना लिया तो सभी लोग चुप हो गए रही बात मेरी मां की तो मैंने उनको इमोशनल ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था और मैंने कहा था कि मुझे बर्थडे का तोहफा चाहिए और मुझे मुंबई लेकर चलिए! मनीषा कोइराला बताती है कि मुंबई में मेरी मां की एक दूसरा करती थी मैंने उनसे पहले ही बात कर ली थी कि मुझे एक अच्छे डायरेक्टर से मुलाकात करवा दीजिए ऐसे में मुंबई आते ही हमने यहां पर कई फिल्ममेकर के साथ मुलाकात की थी शुरुआत में उन लोगों को विश्वास नहीं था कि पहली फिल्म मिली है और जब मेरा काम देखा गया तो अब आप सब जानते हैं कि मेरी फिल्मी कैसी रही है!
वही इसके अलावा मनीषा कोइराला ने यह भी खुलासा किया था कि भले ही मेरे घर में मेरे दादाजी प्रधानमंत्री थे लेकिन वह घर में सबको हमेशा जमीन से जुड़ा ही रखना चाहते थे जानकारी के लिए बता दें कि मनीषा कोइराला ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1991 की थी और उनकी एक्टिंग को काफी किया गया था!
Updated on:
24 Jan 2022 10:49 am
Published on:
24 Jan 2022 10:43 am
बड़ी खबरें
View Allबॉलीवुड
मनोरंजन
ट्रेंडिंग
