
Pihu movie how 2 year girl shoot the film see behind the scenes
विनोद कापड़ी की फिल्म ‘पीहू’ का ट्रेलर मंगलवार को रिलीज हुआ है। ट्रेलर में मात्र 2 साल कि बच्ची ने लीड रोल प्ले किया है। विनोद कापड़ी जो कि पत्रकार रहे हैं, उन्होंने इस फिल्म से सिनेमा जगत में कदम रखा है। अब जैसा कि फिल्म में दिखाया गया है 'पीहू' की कहानी काफी सस्पेंस से भरी है। पर इस फिल्म के ट्रेलर को देख हर किसी के मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि आखिर 2 साल की बच्ची ने फिल्म में एक्टिंग कैसे करी?
बता दें 'पीहू' की शूटिंग के दौरान की कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। इस फिल्म को डायरेक्टर ने दो वजह से बनाने की सोची थी। एक तो डायरेक्टर की मंशा और दूसरा, पैसों की कमी। 'पीहू' को बनाने में डायरेक्टर को करीब तीन साल का वक्त लग गया। जबकि, शूटिंंग करीब 40 दिनों में पूरी हुई। डायरेक्टर के लिए दो साल की बच्ची के साथ शूटिंग करना किसी बड़े चैलेंज से कम नहीं था।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब निर्देशक ने बच्ची को अपनी फिल्म के लिए देखा तब उसकी उम्र महज 1 साल 10 महीने की थी। यह बच्ची उनके मित्र रोहित विश्वकर्मा की बेटी है। एक फेसबुक लाइव में फिल्म के डायरेक्टर विनोद कापड़ी ने बताया, 'मेरा बजट बेहद कम था। इसीलिए मैंने कम बजट वाली फिल्म पर विचार किया। यही वजह है कि पीहू का जन्म हुआ। आमतौर पर फिल्मों में स्टार्स की फीस करोड़ों में होती है। मैंने सोचा कि क्यों न एक ऐसी फिल्म का निर्माण किया जाए जिसे लोग उसके स्टार की वजह से नहीं बल्कि उसके कॉन्सेेप्ट की वजह से जानें।' ‘पीहू’ की मेकिंग से जुड़ी एक दिलचस्प बात है कि पूरी यूनिट शॉट के लिए इंतजार करती थी। कब बच्ची का मूड हो और शॉट ओके हो जाए, यह चिंंता हमेशा यूनिट को सताती थी। कैमरामैन बेड के नीचे, पर्दे के पीछे छिप कर बच्ची को शूट किया करते थे। कई बार उसकी मां प्रेरणा ट्रिक्स बताती थीं कि इस तरह बच्ची से शॉट ओके करवाया जा सकता है। बच्ची की आदतों या हरकतों के आधार पर फिल्म की कहानी में भी मामूली फेरबदल किया गया।
विनोद कापड़ी ने बताया, 'दो साल की बच्ची से आप एक्टिंग नहीं करा सकते। इसलिए मैंने जब बच्ची का चुनाव किया तब उसके साथ तीन-चार महीने बिताया। मैंने उसकी हरकतों को नोटिस किया। मैंने देखा कि बच्ची बालकनी में जाकर अपनी आवाज में लोगों को आवाजें देती हैं। हालांकि उसकी आवाज को कोई समझ नहीं सकता। फिल्म में करीब 9 मिनट का बालकनी सीन है जो इस कारण ही शूट हो सका क्योंकि बालकनी में जाना बच्ची की आदत में शुमार था। मैं उसकी हरकतों को कैप्चर करता रहता और उसी हिसाब से फिल्म की कहानी को भी गढ़ता रहता।'
एक सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर में एक सीन है जिसमें पीहू खुद को फ्रिज में बंद कर लेती है। इस सीन को शूट करने में विनोद कापड़ी को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। विनोद ने बताया कि फ्रिज वाले सीन को शूट करने के लिए 2 घंटे का शेड्यूल रखा गया था, लेकिन पूरा दिन लग गया। पीहू फ्रिज में बैठने को तैयार ही नहीं थी। कापड़ी ने कहा, 'यह बहुत मुश्किल सीन था। बच्ची को फ्रिज तक लाना मुश्किल काम था। हमलोग उसके साथ खेलने लगे। एक-दो बच्चे और बुला लिए। सब खेलते थे, फ्रिज के पास, फ्रिज में बैठते थे। तब बच्ची को लगा कि फ्रिज में बैठना भी कोई खेल है। तब जाकर वह शूट हुआ। हमने दो घंटे का शेड्यूल रखा था, पर पूरा दिन लग गया।'
बता दें ये फिल्म 16 नवंबर को रिलीज होगी।
Published on:
27 Oct 2018 09:40 am
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