
तापसी पन्नू ने साउथ सिनेमा की खोली पोल। (फोटो सोर्स: taapsee/instagram)
Taapsee Pannu on South Indian Cinema: एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने तेलुगु, तमिल, हिंदी और मलयालम सिनेमा में काम किया है। उन्होंने इन फिल्मों के सेट पर काम किया है, गाने गाए हैं और इन पर खुलकर बात भी की है। हाल ही में कोर्टरूम ड्रामा 'अस्सी' में नजर आईं एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में सेट पर होने वाली असहजता, आइटम सॉन्ग कल्चर और इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में दोहरे मापदंडों के बारे में बात की। उन्होंने इस सवाल पर भी बात की कि भोजपुरी और साउथ इंडियन सिनेमा में गानों में नाभि पर इतना अधिक ध्यान क्यों दिया जाता है।
जब तापसी पन्नू से पूछा गया कि भोजपुरी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के गानों में नाभि पर इतना जोर क्यों दिया जाता है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं भी यही समझने की कोशिश कर रही हूं। ऐसा नहीं है कि हिंदी सिनेमा के आइटम सॉन्ग में भी इस पर जोर नहीं दिया जाता है, लेकिन दक्षिण सिनेमा जितना नहीं। हिंदी सिनेमा यानि बॉलीवुड में क्लीवेज पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।”
तापसी पन्नू ने आगे एक और खास बात बताई, एक ऐसी पर्दे के पीछे की सच्चाई जिसे ज्यादतर इंटरव्यूज और फिल्मी बातचीत में नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि 'दक्षिण में, एक्ट्रेसेस से अक्सर पैडेड ब्रा पहनने को कहा जाता है। और समस्या यह है कि निर्देशक सेट पर यह बात किसे बताए?”
उन्होंने आगे बताया कि आमतौर पर बातचीत का सिलसिला इस तरह चलता है: निर्देशक से सहायक निर्देशक, सहायक निर्देशक से स्टाइलिंग टीम, स्टाइलिंग टीम से हेयर और वार्डरोब टीम और अंत में अभिनेत्री तक। “सोचिए कितना शर्मनाक होगा। आप किसी गाने की शूटिंग कर रहे हैं, कोई बीच में उठकर चला जाता है, सबको पता होता है कि क्या हुआ है। सारे पुरुष वहीं बैठे होते हैं, और देखते रहते हैं कि जब आप वापस आती हैं तो क्या अलग दिखता है।”
यह पहली बार नहीं है जब तापसी पन्नू ने दक्षिण सिनेमा में कमर के एक्सपोजर को लेकर बात की है। एक पुराने इंटरव्यू में भी उन्होंने बताया था कि जिस फिल्मकार ने उन्हें लॉन्च किया था, वो हीरोइन की सेक्सुअलिटी को खासतौर से कमर के जरिये दिखाने के लिए जाने जाते थे। तापसी ने याद करते हुए बताया कि किसी ने सेट पर उनके पेट पर नारियल फेंका गया था। उन्होंने हंसते हुए कहा, "मुझे नहीं पता कि मेरे पेट पर नारियल लगने में सेक्सुअलिटी क्या है।"
उस दौरान तापसी का ये बयान वायरल हो गया था। तेलुगु फैंस को लगा कि ये कमेंट एक फेमस फिल्ममेकर और उनके काम का अपमान है। इसके बाद पन्नू को पब्लिकली माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने एक वीडियो मेसेज में भी कहा, "मेरा इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। मैं खुद का और अपनी पहली फिल्म के बारे में मजाक करना चाहती थी। मुझे यह समझने में थोड़ा वक्त लगा कि मैंने जो कहा वो गलत था। अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है तो मैं वास्तव में माफी मांगती हूं।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां पर जिस फिल्मकार की बात हो रही है, वो हैं के. राघवेंद्र राव, जो तेलुगु सिनेमा के बेहतरीन डायरेक्टर्स में से एक हैं, जो पिछले चार दशकों से फिल्मों निर्देशन में एक्टिव रहे हैं।
बॉलीवुड में आने से पहले तापसी पन्नू साउथ एक्ट्रेस थीं और कई तेलुगु और तमिल फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने 2010 में तेलुगु फिल्म 'झुम्मंडी नादम' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने मनोज मंचू के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी। बेबी (2015) और पिंक (2016) जैसी फिल्मों से पहले तापसी साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम थीं, इन फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में उनके बारे में चल रही चर्चाओं को बदल दिया और उन्हें बॉलीवुड में बेहतरीन एक्टेस के रूप में जगह दिलाई।
Updated on:
22 Feb 2026, 4:56 PM IST
Published on:
22 Feb 2026, 4:56 PM IST
बड़ी खबरें
View Allबॉलीवुड
मनोरंजन
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.