अपर मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में सर्दी, जुकाम, मौसमी बुखार की जांच के अलावा प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ गर्भवती, बाल और किशोर स्वास्थ्य से जुड़ी जांच, आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड, कन्या सुमंगला योजना, नियमित टिकाकरण, परिवार नियोजन, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, सहित कोरोना पर खास जोर रहा है, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके श्रीवास्तव ने कहा कि आरोग्य स्वास्थ्य मेला के आयोजन में स्वयंसेवी योगदान के लिए निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी आगे आने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य यह है कि सभी सुविधाएं एक ही जगह पर लोगों को मिल जाएं, जिसके लिए उन्हें बाकी दिनों में कामकाज छोड़कर अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।