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प्रोफाइल

‘बसपा से शुरुआत और बीजेपी में मंत्री!’ जानिए बुलंदशहर के कद्दावर नेता अनिल शर्मा की पूरी प्रोफाइल

Bulandshahr BJP MLA Anil Sharma: अनिल शर्मा का जन्म 26 जून 1963 को बुलंदशहर जिले के शिकारपुर तहसील के गांव सुरजावली में हुआ था। उनका राजनीतिक सफर गांव के प्रधान पद से शुरू हुआ।
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BJP MLA Anil Sharma Death

अनिल शर्मा (फोटो- @idharampalsingh General Secretary BJP, Uttar Pradesh)

Anil Sharma Profile Journey:बुलंदशहर के शिकारपुर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। बुधवार को दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उन्होंने आखिरी सांस ली। बीते तीन साल से बीजेपी विधायक कैंसर से जूझ रहे थे। बुलंदशहर जिले के शिकारपुर तहसील के गांव सुरजावली में 26 जून 1963 को जन्मे अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर गांव के प्रधान पद से शुरू हुआ। 1989 में वे निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए और लगातार दूसरी बार भी इस पद पर रहे। उनके दादा और पिता भी प्रधान रह चुके थे। शिक्षा इंटरमीडिएट तक की थी। वे ब्राह्मण समुदाय से थे और कृषि तथा राजनीति को अपना मुख्य व्यवसाय बना लिया।

बसपा के टिकट पर दो बार विधायक बने

वर्ष 2002 में अनिल शर्मा ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर खुर्जा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक चुने गए। 2007 में उन्होंने फिर बसपा के टिकट पर खुर्जा से ही जीत दर्ज की। इस दौरान वे मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। 2012 के चुनाव में उन्होंने शिकारपुर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन समाजवादी पार्टी के मुकेश शर्मा से हार गए।

भाजपा में शामिल होकर मंत्री बने

हार के बाद अनिल शर्मा ने भाजपा जॉइन कर ली। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर सीट से उन्होंने शानदार जीत हासिल की। योगी आदित्यनाथ सरकार में उन्हें वन, पर्यावरण और प्राणी उद्यान राज्यमंत्री का पद मिला। 2019 में कैबिनेट विस्तार के दौरान वे मंत्री बने और मार्च 2022 तक यह जिम्मेदारी निभाई। 2022 में उन्होंने दोबारा शिकारपुर से जीत हासिल की और चौथी बार विधायक बने।

विकास कार्यों पर रहा जोर

विधायक और मंत्री के रूप में अनिल शर्मा ने क्षेत्र में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों पर खास ध्यान दिया। शिकारपुर क्षेत्र में सैकड़ों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पूरे करवाए गए। क्षेत्रवासी उन्हें पहुंच वाला नेता मानते थे। उनकी पत्नी मूर्ति शर्मा भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहीं और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। उनके दो बच्चे हैं।

कैंसर से लंबी लड़ाई और निधन

2023 से अनिल शर्मा कैंसर से जूझ रहे थे। लंबे इलाज के बावजूद बुधवार दोपहर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके निधन से बुलंदशहर में शोक की लहर फैल गई। चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के कद्दावर चेहरे थे। उनका सफर बसपा से शुरू होकर भाजपा में मंत्री पद तक पहुंचने का उदाहरण है।

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