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‘UP में 6 विधानसभा सीटें खाली!’ अनिल शर्मा के निधन के बाद बदला समीकरण, जानिए क्यों नहीं होंगे अब उपचुनाव

BJP MLA Anil Sharma Death : बीजेपी विधायक अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया है। वे चार बार के विधायक रह चुके थे। अनिल शर्मा के चले जाने के साथ प्रदेश में अब तक 6 सीटे खोली हो गई है।
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BJP MLA Anil Sharma Death

अनिल शर्मा (फाइल फोटो)

BJP MLA Anil Sharma Death News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार दोपहर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनके निधन से यूपी विधानसभा में एक और सीट खाली हो गई है। अनिल शर्मा चार बार के विधायक रह चुके थे और योगी आदित्यनाथ सरकार में वन-पर्यावरण राज्यमंत्री का पद भी संभाल चुके थे।

अब कुल छह सीटें खाली

अनिल शर्मा के निधन के बाद यूपी की 403 सदस्यीय विधानसभा में खाली सीटों की संख्या बढ़कर अब छह हो गई है। इससे पहले घोसी (मऊ), दुद्धी (सोनभद्र), फरीदपुर (बरेली) समेत कुछ अन्य सीटें विधायकों के निधन या अन्य कारणों से पहले ही रिक्त थीं। इन रिक्तियों के कारण सदन का प्रभावी संख्याबल घटा है, हालांकि सरकार के बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ा है।

इनमें तीन सीटें सपा, दो बीजेपी और एक बसपा की है। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी आजमी, सोनभद्र की दुद्धी सीट से सपा विधायक विजय सिंह गोंड, बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, मऊ की घोसी सीट से सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया था। 5 अगस्त को बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह भी चल बसे।

उपचुनाव क्यों नहीं हो रहे?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 151ए के तहत किसी सीट के खाली होने पर आम तौर पर छह महीने के अंदर उपचुनाव कराना अनिवार्य है। लेकिन इसमें स्पष्ट प्रावधान है कि अगर संबंधित सदस्य का शेष कार्यकाल एक साल से कम बचा हो, तो उपचुनाव कराना जरूरी नहीं। यूपी विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होने वाला है। सितंबर 2026 में शेष अवधि एक साल से काफी कम है, इसलिए चुनाव आयोग इन सीटों पर उपचुनाव नहीं करा रहा।

पहले की तीन सीटों पर भी आयोग ने यही फैसला लिया था

जुलाई 2026 में ही चुनाव आयोग ने घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर उपचुनाव न कराने का फैसला स्पष्ट कर दिया था। इन सीटों पर विधायकों का निधन नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हुआ था, लेकिन शेष कार्यकाल कम होने के कारण आयोग ने इन्हें आगामी आम चुनाव तक खाली रखने का निर्णय लिया। अनिल शर्मा की सीट पर भी यही नियम लागू होगा।

राजनीतिक गणित पर क्या असर?

खाली सीटों से विधानसभा में भाजपा और सपा दोनों के प्रभावी सदस्यों की संख्या प्रभावित हुई है, लेकिन योगी सरकार के पास अभी भी बहुमत है। विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है, लेकिन कानूनी प्रावधान साफ हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में ही इन सभी सीटों पर मतदान होगा।