
बुलंदशहर। स्याना हिंसा ( Ssyana Violence ) के अब तक 10 आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आ चुके हैं। इनमें से दो आरोपियों का शेखर अग्रवाल और उपेंद्र राघव का जमकर स्वागत किया गया। इसको लेकर राजनीति गरमाई तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।
शहीद की पत्नी ने जाहिर किया दुख
इसको लेकर एक निजी चैनल के कार्यक्रम में स्याना हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की पत्नी ने दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि जिनको सजा मिलनी थी उनको मालाएं पहनाई जा रही हैं। जिनको मालाएं पहनाई जानी थीं, उनको पत्थर मार-मारकर मार दिया गया। यह यब देखकर वह बहुत दुखी हैं। उनको यह समझ में नहीं आ रहा कि दालत ने किस आधार पर इनको जमानत दे दी है। सुबोध सिंह की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि आरोपियों की जमानत को निरस्त कर उनको दोबारा जेल भेजा जाएगा। वहीं, शहीद इंस्पेक्टर की पत्नी की बरत सुनकर कार्यक्रम में मौजूद पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह के आंसू छलक पड़े। उन्होंने शहीद के परिवार को हरसंभव मदद का वादा किया।
कई लोगों को किया गया था गिरफ्तार
आपको बता दें कि दिसंबर 2018 में गोकशी की सूचना के बाद बुलंदशहर के स्याना में हिंसा हो गई थी। इसमें स्याना थाने के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई थी। हिंसा में एक अन्य युवक भी मौत हुई थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
Updated on:
27 Aug 2019 01:10 pm
Published on:
27 Aug 2019 01:09 pm
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