
बुलंदशहर। जनपद में चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि से 128 गांवों के करीब 65 हजार किसानों की सरसों व गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए गुस्साये किसानों ने शनिवार को बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया और मुआवजा न मिलने पर आत्महत्या करने तक की धमकी दे डाली। हालांकि जिलाधिकारी ने शासन को नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट भेज शीघ्र पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि दिलाये जाने का आश्वासन दिया है।
दरअसल, शुक्रवार शाम को बुलंदशहर में जबरदस्त चक्रवाती तूफान आया। फिर उसके बाद मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनपद की स्याना, अनूपशहर और डिबाई तहसील के 65 हजार 476 किसानों की 33% से अधिक गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। फसल का नुकसान होने से किसानों की कमर टूट गई। किसी को बच्चों के स्कूल की फीस देनी थी, तो किसी को बिटिया की शादी करनी थी।
साइक्लोन व ओलावृष्टि से अपने अरमानों को टूटता देख मुआवजे की मांग को लेकर अनूपशहर तहसील के किसानों ने बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग पर जाम लगा जमकर प्रदर्शन किया। 2 घंटे के प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को मुआवजा राशि दिलाए जाने का आश्वासन दे बमुश्किल जाम खुलवाया।
90 साल के वृद्ध किसान छिद्दा सिंह की मानें तो उनके जीवन में कभी ऐसा तूफान नहीं आया। लेकिन इस तूफान और ओलावृष्टि ने तो फसल पूरी बर्बाद कर दी। उधर, बुलंदशहर के जिलाधिकारी व स्याना के भाजपा विधायक देवेंद्र लोधी ने चक्रवर्ती तूफान से प्रभावित सूरजपुर ढीकरी गांव का निरीक्षण किया। साथ ही जाम लगा रहे किसानों को समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम को भेजा। प्रशासनिक अधिकारी दावा कर रहे हैं कि किसानों को शासन के आदेशों के अनुरूप यथा शीघ्र मुआवजा राशि दिलाई जाएगी।
Updated on:
14 Mar 2020 02:55 pm
Published on:
14 Mar 2020 02:54 pm
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