
बुलंदशहर. कोराेना महामारी के चलते जहां कोई परेशान है, वहीं कुछ स्टूडेंट्स इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। इसका खुलासा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान हुआ है। बता दें कि कोरोना संक्रमण के डर से फिजिकली जांच नहीं हो रही है, जिसका फायदा उठाकर छह छात्राएं ऐसी-ऐसी जगह नकल छिपाकर लाई कि जांच करने वाला सचल दस्ता भी हैरान रह गया। इसके बाद विवि के सचल दस्ते ने सभी छात्राओं के खिलाफ अनफेयर मीन्स (यूएफएम) में कार्रवाई की है। टीम ने छात्राओं की कॉपी और नकल के फोटो बतौर सबूत एकत्रित किए हैं।
दरअसल, छात्राओं का यह कारनामा चौधरी चरण सिंह विश्व विद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान बुलंदशहर और खुर्जा का है। केंद्रीय सचल दल के संयोजक प्रोफेसर शिवराज सिंह पुंडीर ने बताया कि यूनिवर्सिटी के पांच सचल दस्तों को परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को डॉ. विवेकानंद डे और डॉ रंजना की टीम ने बुलंदशहर के आईपी कॉलेज और खुर्जा के एनआरईसी कॉलेज समेत नोएडा के कॉलेजों में छापेमारी की कार्रवाई की। उन्होंने आईपी कॉलेज से चार और एनआरईसी कॉलेज से दो छात्राओं को नकल करते हुए पकड़ा है।
उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते परीक्षा के दौरान फिजिकल जांच नहीं हो पा रही है। परीक्षा के दौरान आधा दर्जन छात्राएं इसका फायदा उठाकर नकल करते पकड़ी गईं हैं। ये छात्राएं अपने बाजू, पैर और हथेली पर ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के उत्तर लिखकर परीक्षा दे रही थीं।
उन्होंने बताया कि सचल दस्ते की टीम को शक होने पर छात्राओं को सीट से उठाया तो नकल पकड़ में आ गई। एक छात्रा ने अपनी पूरी बाजू पर सौ से अधिक सवालों के जवाब उतारे हुए थे। ये सभी जवाब मॉडल पेपर से थे। वहीं एक छात्रा ने तलवे पर उत्तर लिखे हुए थे। उन्होंने बताया कि नकल के इस मामले को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक छात्रा को भी पकड़ा गया है, जिसने अपने सूट के कोने पर उत्तर लिखे हुए थे।
Published on:
13 Sept 2020 10:38 am
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