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उप स्वास्थ्य केन्द्र पर पांच वर्षों से जड़ा है ताला

सखावदा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आने वाले भांड ग्वार में बने उप स्वास्थ्य केन्द्र पर गत वर्षों से ताला जड़ हुआ है। ग्रामीण उप स्वास्थ्य केन्द्र का ताला खुलने के इंतजार में है।
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बूंदी

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pankaj joshi

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Updated: 4 Jul 2021, 9:12 PM IST

उप स्वास्थ्य केन्द्र पर पांच वर्षों से जड़ा है ताला

उप स्वास्थ्य केन्द्र पर पांच वर्षों से जड़ा है ताला

उप स्वास्थ्य केन्द्र पर पांच वर्षों से जड़ा है ताला
बड़ाखेड़ा. सखावदा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आने वाले भांड ग्वार में बने उप स्वास्थ्य केन्द्र पर गत वर्षों से ताला जड़ हुआ है। ग्रामीण उप स्वास्थ्य केन्द्र का ताला खुलने के इंतजार में है। ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। इलाज के लिए उन्हें करीब 7 किमी दूर लाखेरी आना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार उप स्वास्थ्य केन्द्र पर एएनएम नहीं है। यहां कार्यरत एएनएम को लाखेरी अस्पताल में लगा रखा है। ग्रामीण हनुमान गुर्जर, धनराज ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को बरसात के समय होती है, जब उपचार के लिए गांव से बाहर लेकर जाना पड़ता है। यही नहीं कोरोना के दौर में भी उपस्वास्थ केन्द्र का ताला नहीं खुला।
उप स्वास्थ्य केन्द्र नहीं खुलने से ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है या लाखेरी जाना पड़ता है। कोरोना संक्रमण के दौर में भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
धनराज गुर्जर, ग्रामीण
भांड ग्वार गांव के उप स्वास्थ्य केन्द्र को लेकर कई बार सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। वहीं क्षेत्रीय विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल को भी इस समस्या से अवगत करवाया है।
राजेश कुमार मीणा, सरपंच ग्राम सखावदा

एक कंपाउंडर के भरोसे आयुर्वेद चिकित्सालय
चिकित्सक की मौत के बाद से पद रिक्त
हिण्डोली. कस्बे के ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय एक माह से कंपाउंडर के भरोसे संचालित हो रहा है। कस्बे के आयुर्वेद चिकित्सालय में कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी की गत माह सडक़ दुर्घटना में मौत हुई थी। उसके बाद से ही यहां पर पद रिक्त चल रहा है।
आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आने वाले रोगियों को कंपाउंडर के भरोसे ही उपचार करवाना पड़ता है। वर्तमान में कार्यरत कंपाउंडर बाबूलाल मीणा अकेले ही रहने से काम में परेशानी होती है। यहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नहीं है। ऐसे में कई बार कंपाउंडर अवकाश पर जाने पर यहां पर ताले लग जाते हैं।