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खारा पानी पीने को मजबूर कस्बे के बाशिंदे

सुवासा कस्बे के बाशिंदे लंबे समय से खारा पानी पीने को मजबूर है। कस्बे में जनता जल योजना की टंकी से जलापूर्ति होती है और इस टंकी को जिस बोरिंग से भरा जाता है, उसका पानी भी फ्लोराइड युक्त है।
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बूंदी

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pankaj joshi

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Updated: 4 Jul 2021, 9:17 PM IST

खारा पीने को मजबूर कस्बे के बाशिंदे

खारा पीने को मजबूर कस्बे के बाशिंदे

खारा पानी पीने को मजबूर कस्बे के बाशिंदे
सुवासा. सुवासा कस्बे के बाशिंदे लंबे समय से खारा पानी पीने को मजबूर है। कस्बे में जनता जल योजना की टंकी से जलापूर्ति होती है और इस टंकी को जिस बोरिंग से भरा जाता है, उसका पानी भी फ्लोराइड युक्त है। इतना ही नहीं टंकी का पानी भी घरों में पूरे दबाव से नहीं पहुंच रहा है। घरों की टंकियां बिना मोटर के नहीं भर पा रही है। ऐसे में ग्रामीणों को 15 साल पहले बनी 19 लाख रुपए की लागत से बनी जनता जल योजना का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीण ओम प्रकाश भगवान राठौड़ जगदीश प्रजापति ने बताया कि गांव की आबादी पहले से काफी बढ़ गई है। जिस समय टंकी का निर्माण हुआ था। उस समय आबादी ढाई हजार से तीन हजार थी, जो अब बढकऱ चार हजार से पांच हजार हो गई है। गांव में आबादी के अनुसार एक बड़ी टंकी बोरिंग व बस स्टैंड पर आरओ प्लांट की आवश्यकता है। पुरानी बोरिंग का पानी ठीक नहीं होने से ग्रामीण इसे पीने में कम काम ले रहे। वहीं पुरानी टंकी भी जर्जर अवस्था में पहुंचने में है।
खराब हो रहे सामान
इस पानी से मटकियां कुछ ही दिन में खराब हो जाती है एवं कूलर की बॉडी एक दो महीने में खत्म हो जाती है। लोगों को फ्लोराइड युक्त पानी को पीने में कम और अन्य कार्य के लिए काम में लेना पड़ रहा है।
सुवासा सरपंच प्रियंका गोस्वामी ने बताया गांव में बड़ी टंकी व बोरिंग लगाने का प्रस्ताव सरकार के पास भेज दिया है। गांव की आबादी बढऩे से पुरानी टंकी छोटी पडऩे लग गई है। शीघ्र ही गांव में बड़ी टंकी बनाई जाएगी। घरों में व्यर्थ बह रहा पानी को रोका जाएगा। वर्तमान में टंकी को भरने में एक बोरिंग ही काम आ रहा है। दूसरा बोरिंग फेल हो चुका है। गांव में मीठे पानी का नया बोरिंग के लिए जगह की तलाश की जा रही है। ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।