6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

घर से निकलते समय हो जाए सावधान! इनका हमला हो सकता है खतरनाक

खुल्ली आंख पर हल्ला बोल...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बूंदी

•

image

Suraksha Rajora

•

Updated: 17 Feb 2018, 8:05 PM IST

Halla Bol is Chenpa

बूंदी. सडक़ पर पैदल चलने वाले हो या दुपहिया वाहन पर सवार हर कोई इन दिनो सिर झटकता नजर आता है। शनिवार को सडक़ पर अजीब नजारा था, हर गुजरते हुए शख्स का सिर झुका हुआ था, कोई भी सामने देखने की हिम्मत नही कर पा रहा था। ये करामात चेंपा मच्छर की वजह से हुई। शहर में चेंपा मच्छर के हल्ला बोल के कारण इन दिनों सडक़ से गुजरने वाले लोगो को सुबह से शाम तक खासे परेशान होना पड़ रहा है। दिन में चेंपा के प्रकोप से लोग बचने का जतन करते नजर आ रहें है। सफर पूरा होते ही लोग कपड़ों से मच्छर को झाड़ते नजर आए तो कोई आखों से मच्छर को निकालते हुए। खुल्ली आंख पर चेंपा का हल्ला बोल लोगो के लिए मुसीबत बन गया है।

Read More :महाशिवरात्रि पर भोले के दरबार से उठी अनाथ बेटी की डोली पूरा शहर बना घराती

चेंपा को प्राणी विज्ञान की भाषा में एफिड्स कहा जाता है। यह कीट झाडिय़ों, फसलों मूली के पत्तों, फलियों पर चिपके रहते है। तापमान बढऩे के साथ ही ये सक्रिय हो जाते है और हवा में उडऩे लगते है। 27 से 33 डिग्री तापमान इनके लिए अनुकूल होता है इनका जीवनकाल दस दिन का होता है। ये जिस रंग के पोधो पर बैठते है, उसी के रंग में परिवर्तित होने का गुण भी रखते है। इनका मूल रंग गहरा हरा होता है।

Read More :वेलेंटाइन- हार्मोंन से बनती- बिगड़ती सेहत- आखिर कैसे होता है शरीर पर प्यार का प्रभाव...पढि़ए ये खास खबर

होलीका दहन पर मिलेगा लोगो को सुकून-
मच्छर को समाप्त करने के लिए होली जलाई जाती है, चौकिंए नही भारतीय त्यौहार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अद्भुत रूप से जुड़े हुए है। इनमें दिपावली में भी दीपक इसलिए जलाया जाता है। यह ऋतु परिवर्तन का समय माना जा रहा है। होली की आग में लुबान,घी सहित कई जड़ीबुटिया डाली जाती है ताकि इसकी खुशबू से मच्छर जल जाए।