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Bundi: लक्ष्मी के 5 बच्चों को मिला स्कूल में एडमिशन, राजस्थान पत्रिका में खबर छपने के बाद जागे अधिकारी

बूंदी जिले के सुवासा गांव में रहने वाली लक्ष्मी लिए बुधवार का दिन उम्मीद की नई किरण लेकर आया। विधवा लक्ष्मी बीते कई वर्षों से अपने छह मासूम बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सरकारी दरवाजों पर दस्तक दे रही थी।

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बूंदी

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Kamal Mishra

Aug 21, 2025

Bundi lakshmi

बच्चों को शिक्षण सामग्री देते अधिकारी (फोटो सोर्स-पत्रिका)

बूंदी। छह मासूम बच्चों के स्कूल में दाखिले और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए दर-दर भटक रही सुवासा निवासी विधवा लक्ष्मी बाई के लिए बुधवार का दिन खुशियों भरा रहा। पत्रिका में बुधवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा और पंचायतराज विभाग के अधिकारी उसके घर पहुंचे।

शिक्षामंत्री के निर्देश पर लक्ष्मी के पांच बच्चों को गांव के सरकारी स्कूल में दाखिला मिला। एक बच्चे की उम्र कम होने के कारण उसे आंगनबाड़ी शिक्षा केन्द्र में प्रवेश दिलाया गया। वहीं पंचायतराज विभाग ने सरकारी योजनाओं के लाभ की प्रक्रिया शुरू कर दी।

लक्ष्मी के पति की पहले हो चुकी है मौत

पति की मृत्यु के बाद लक्ष्मी अपने बुजुर्ग पिता के साथ गांव में रह रही थी। उसके पास न आधार कार्ड था, न राशन कार्ड और न ही बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र। इन दस्तावेजों के अभाव में उसके बच्चों को न तो स्कूल में प्रवेश मिल पा रहा था और न ही वे किसी सरकारी योजना का लाभ उठा पा रहे थे।

अखबार में खबर छपने के बाद जागा प्रशासन

पत्रिका समाचार पत्र में लक्ष्मी की पीड़ा उजागर होने के बाद बुधवार को शिक्षा विभाग और पंचायतीराज विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। राज्य के शिक्षामंत्री के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पांच बच्चों को गांव के राजकीय विद्यालय में दाखिला दिलाया गया, जबकि सबसे छोटे बेटे सूरज की उम्र कम होने के कारण उसे आंगनबाड़ी केंद्र में भर्ती किया गया।

लक्ष्मी के परिवार को अब इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

इसके साथ ही पंचायतीराज विभाग ने परिवार को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाने और विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे विधवा पेंशन, पालनहार योजना, खाद्य सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।