
संदिग्ध युवक को इंटेलीजेंस ब्यूरो कोटा को सौंपा गया (फोटो-पत्रिका)
बूंदी। केशवरायपाटन इलाके में ट्रेन से गिरकर घायल हुआ पाकिस्तानी युवक इरफान नेपाल की सीमा से भारत में अवैध रूप से घुसा था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हत्या' के लिए आया था। उसे पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन ने 10 लाख रुपए दिए थे।
पुलिस के अनुसार वह थोड़ी-थोड़ी देर में अपना बयान बदल रहा है। उसे शुक्रवार दोपहर को कोटा में पूछताछ के लिए इंटेलीजेंस पुलिस के अधिकारियों को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग पर गुरुवार दोपहर एक युवक ट्रेन से गिरकर घायल हो गया था। वह खुद ही उपचार के लिए केशवरायपाटन अस्पताल पहुंचा। यहां पर पुलिस को उसने पूछताछ में खुद को पाकिस्तान के पंजाब सिंध प्रांत का अलमसा गांव निवासी इरफान बताया। उसके पास यूरोपियन करेंसी 1920 यूरो मिले। इसके अलावा 45 हजार रुपए भी निकले। यह राशि करीब ढाई लाख रुपए होती है।
केशवरायपाटन थाना प्रभारी हंसराज मीणा ने बताया कि केशवरायपाटन थाने में पूछताछ के दौरान इरफान बार-बार अपने बयान बदल रहा है। उसका व्यवहार संदिग्ध लग रहा था। अब उसे इंटेलीजेंस ब्यूरो कोटा के हवाले कर दिया है।
पुलिस को इरफान ने बताया कि वह गरीब परिवार से है। वह पांच भाई हैं। उसे पाकिस्तान में एक आतंकवादी संगठन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हत्या के लिए 10 लाख रुपए मिले थे। वह हत्या करने के उद्देश्य से नेपाल के रास्ते चोरी-छिपे भारत में प्रवेश किया। नेपाल की सीमा पर उसने पाकिस्तान से सम्बंधित सभी दस्तावेज फेंक दिए। वह टैक्सी से बरेली होता हुआ लखनऊ गया था। वहां से सवाई माधोपुर आया। सवाई माधोपुर से वह मुम्बई जा रहा था। बाद में उसने अपना बयान बदल दिया और कहा कि वह भारत में रोजगार के लिए आया था।
केशवरायपाटन थाने में बूंदी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा, जीआरपी पुलिस उपाधीक्षक शंकरलाल मीणा ने भी पूछताछ की। युवक के पास से अलग अलग ट्रेनों के 6 टिकट मिले। रेल में बिना टिकट यात्रा करने की एक जुर्माना की पर्ची भी मिली। गुरुवार को भी वह ट्रेन में जनरल कोच में यात्रा कर रहा था।
Updated on:
26 Sep 2025, 11:25 PM IST
Published on:
26 Sep 2025, 8:14 PM IST
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