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गरीबों के हक पर डाका, बुरहानपुर में 1863 लखपति ले रहे थे गरीबों का फ्री राशन

नोटिस मिलते ही सरेंडर की पात्रता पर्ची

Burhanpur news@सरकारी योजनाओं का लाभ और फ्री राशन लेने के लिए जिले के 1863 लखपति खुद को गरीब बता रहे थे। बीपीएल कार्ड को आधार से लिंक करते ही झूठ सामने आ गया। आयकर विभाग से सूची मिलने के बाद खाद्य विभाग ने नोटिस जारी कर फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनाने वाले लखपतियों का राशन सहित सरकारी सुविधाओं को बंद कर दिया। नोटिस के जवाब में 500 ने पात्रता पर्ची सरेंडर की है। कार्रवाई विभाग की तरफ से हो रही है।

सरकारी योजनाओं का लाभ और फ्री राशन लेने के लिए जिले के 1863 लखपति खुद को गरीब बता रहे थे। बीपीएल कार्ड को आधार से लिंक करते ही झूठ सामने आ गया। आयकर विभाग से सूची मिलने के बाद खाद्य विभाग ने नोटिस जारी कर फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनाने वाले लखपतियों का राशन सहित सरकारी सुविधाओं को बंद कर दिया। नोटिस के जवाब में 500 ने पात्रता पर्ची सरेंडर की है। कार्रवाई विभाग की तरफ से हो रही है।

लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन

दरअसल तीन माह पहले आयकर विभाग ने ऐसे बीपीएल कार्डधारियों की सूची जिला आपूर्ति विभाग को भेजी थी, जिनकी आय छह लाख से अधिक है और सालाना टर्नओवर लाखों में हो रहा है। इनमें व्यापारी, दुकान संचालक व कंपनियों के डायरेक्टर शामिल थे। जिनके नाम बीपीएल पोर्टल प थे जबकि उनके खातों में लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन हो रहा था। पहले आपूर्ति विभाग ने सभी संदिग्धों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा तो नोटिस मिलते ही लखपतियों में हडक़ंप मच गया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए किसी ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। 1863 में से 500 लोगों ने ही जवाब प्रस्तुत कर पात्रता पर्ची सरेंडर कर दी है।

नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

जिले के लखपति लंबे समय से राशन कार्ड का फायदा उठाकर मुफ्त राशन ही नहीं बल्कि हर सरकारी योजना का लाभ व आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज भी करवा रहे थे। नोटिस के बाद किसी ने बेटे का नाम शामिल होना बताया कि किसी ने कहा नोटिस गलत है। हालांकि अब तक किसी भी कार्डधारी पर वसूली और प्रकरण दर्ज की कार्रवाई नहीं की गई है। विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद सरकार आगे सख्त कार्रवाई कर सकती है।

200 कार्ड बंद होना शेष

जिलों में बीपीएल कार्डधारियों की जांच कराई जा रही है। आधार लिंक होने के बाद सभी का सत्यापन होने से अपात्र लोगों को हटाया जा रहा है। 1846 में से 1600 कार्डधारियों के करीब 6 हजार परिवारों के नाम सूची से काटे गए। जबकि अभी 200 कार्ड पोर्टल से हटाना शेष है। जिले का राशन कोटा खाली होने से अब नए पात्र गरीबों को आवंटन जारी होगा। इससे लंबे समय से सरकारी राशन का इंतजार कर रहे गरीब परिवार के लोगों को राशन मिलना शुरू हो जाएगा। एक औसत बीपीएल कार्ड पर परिवार को 35 किलो अनाज दिया जाता है। यह करीब 65 हजार 205 किलो अनाज प्रतिमाह का ले रहे है।

- 6 लाख से अधिक आमदनी वाले 1863 कार्डधारियों के नाम आयकर विभाग से मिले थे। नोटिस जारी करने पर 500 ने पात्रता पर्ची सरेंडर की है, बाकी कार्रवाई विभाग स्तर से करते हुए 1600 से अधिक कार्डधारियों के नाम पोर्टल से हटाकर राशन बंद कर दिया गया है।

अर्चना नागपुरे, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी