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पिता की मौत पर भी टूटे नहीं, नाना ने पाला पोसा, वैज्ञानिक बनकर वैभव ने पूरा किया सपना

Vaibhav Bhatt of Mahajana Peth of Burhanpur became a scientist पिता की दुर्घटना में अचानक मौत के बाद परिवार की हिम्मत टूटी लेकिन वैभव ने अपना सपना नहीं टूटने दिया।

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वैभव ने अपना सपना नहीं टूटने दिया

बुरहानपुर. पिता की दुर्घटना में अचानक मौत के बाद परिवार की हिम्मत टूटी लेकिन वैभव ने अपना सपना नहीं टूटने दिया। वे नाना के पास रहकर पढ़े और मेहनत करते रहे। आखिरकार वैज्ञानिक बनकर परिवार के साथ ही शहर का नाम भी रोशन कर दिया। डाटा वैज्ञानिक पद पर हुए प्रमोशन के बाद महाजना पेठ निवासी वैभव और उनके परिजनों को अब काबिलियत के बलबूते विदेश तक उड़ान भरने की उम्मीद है।

कहा जाता है कि अगर आपमें मेहनत करने की हिम्मत हो तो आपके हौसलों को उड़ान मिल जाती है यही कर दिखाया महाजना पेठ निवासी वैभव मनोज भट्ट ने। सन 2016 में जब वे फर्स्ट इयर में पढ़ रहे थे, उसी समय पिता मनोज भट्ट की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। फिर भी वैभव ने हिम्मत बांधी और नाना ने भी हौसला नहीं टूटने दिया। वैज्ञानिक बनकर उन्होंने अपना सपना पूरा किया।

वैभव कर्नाटक के बैंगलुरु में परफेक्ट डे रिसर्च सेंटर में है। उनका अब डाटा वैज्ञानिक के रूप में प्रमोशन हुआ। परिवार का कहना है कि मेहनत के दम पर वह विदेश तक उड़ान भरेगा।

मां वनिता भट्ट ने वैभव की सफलता की दास्तां बताई। वनिता भट्ट ने बताया कि बचपन से वैभव क्लास में टॉपर रहा। उसका सपना वैज्ञानिक बनने का रहा। मां वनिता भट्ट जिला सहकारिता विभाग खकनार में लिपिक के पद पर पदस्थ है। वैभव की छोटी बहन जग्राति भट्ट भी एक बीमा कंपनी में है।

बेटे की सफलता पर मां की आंखों में छलके आंसू
वैभव की इस सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। बेटे की सफलता पर मां की आंखों में आंसू छलक उठे। वनिता भट्ट ने बताया कि बचपन से ही संजय नगर निवासी नाना हरकेश शर्मा ने उसे पाला, पढ़ाया और शिक्षा पर ध्यान दिया। नाना वन विभाग से रेंजर रहे। मामा अजय शर्मा, परिणिती शर्मा, विजय शर्मा, नीता शर्मा सभी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई।

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