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8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारी संगठन ने न्यूनतम वेतन 52,600 रुपये करने की रखी मांग, हर पे लेवल पर अलग फिटमेंट फैक्टर लाने का प्रस्ताव

8th Pay Commission Delhi Meeting: 8वें वेतन आयोग की दिल्ली बैठक में कर्मचारियों और संगठनों से बातचीत आज पूरी हो रही है। रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स ने 52,600 रुपये न्यूनतम वेतन और अलग-अलग पे लेवल के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है।
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8th Pay Commission Delhi Meeting

दिल्ली में आयोग की मीटिंग पूरी हो गई। (फोटो: AI)

IRTSA Fitment Factor Demands: 8वें वेतन आयोग की दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों से बातचीत आज पूरी हो रही है। कई संगठनों ने वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों में बदलाव से जुड़ी मांगें रखी हैं। इसी बीच इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने आयोग के सामने न्यूनतम वेतन 52,600 रुपये करने की मांग रखी है। आयोग इन सभी सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा और मई-जून 2027 तक इन्हें केंद्र सरकार को भेजने की संभावना है।

रेलवे कर्मचारियों की बड़ी मांग

IRTSA ने आयोग के सामने न्यूनतम वेतन 52,600 रुपये करने की मांग रखी है। संगठन ने इसके लिए 2.92 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। उसका कहना है कि वेतन तय करते समय इंटरनेट, बोतलबंद पानी और मेडिकल इंश्योरेंस जैसे मौजूदा घरेलू खर्चों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। रेलवे के सुरक्षा श्रेणी वाले पदों के लिए लेवल 6 से आगे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है।

IRTSA द्वारा प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर

IRTSA ने अलग-अलग पे लेवल के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है।

पे लेवलप्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर
लेवल 1–52.92
लेवल 6–83.50
लेवल 9–123.80
लेवल 13–164.09
लेवल 17–184.38

5% सालाना इंक्रीमेंट और प्रमोशन में बदलाव

IRTSA ने हर साल 5 फीसदी इंक्रीमेंट और टेक्निकल सुपरवाइजर्स के करियर स्ट्रक्चर में बदलाव की भी मांग की है। जूनियर इंजीनियर और सीनियर सेक्शन इंजीनियर से जुड़े मामलों में भी संगठन ने मांगें रखी हैं। SSE को ग्रुप-B राजपत्रित दर्जा, JE के लिए लेवल 7 से शुरू होने वाली पांच-ग्रेड व्यवस्था और बेहतर प्रमोशन की मांग की गई है। मांगों में MACPS, नाइट ड्यूटी, ओवरटाइम, अन्य भत्तों तथा जोखिम और कठिनाई भत्ते में बदलाव की मांग भी शामिल है।

अब जयपुर समेत इन शहरों में होगी बैठकें

आयोग ने आने वाले महीनों में अलग-अलग राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में बैठकों की योजना बनाई है। आयोग 31 अगस्त से 1 सितंबर तक जयपुर, 7-8 सितंबर को चेन्नई, 9 सितंबर को पुडुचेरी और 16-18 सितंबर तक चंडीगढ़ का दौरा करेगा। जयपुर में राजस्थान के संबंधित हितधारक आयोग के सामने अपनी बात रख सकेंगे।

अभी फिटमेंट फैक्टर पर कोई अंतिम फैसला नहीं

8वें वेतन आयोग ने अभी न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर या वेतन से जुड़ी अन्य बड़ी मांगों पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। NC-JCM और FNPO जैसे संगठनों ने भी अपनी मांगें आयोग को दी हैं। सभी पक्षों से बातचीत पूरी होने के बाद आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को देगा। अंतिम फैसला उसके बाद ही होगा।