4 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bank FD Vs Post Office TD: 1, 3 और 5 साल के निवेश पर बैंक और पोस्ट ऑफिस में से कहां मिल रहा ज्यादा रिटर्न? टैक्स के भी जानिए नियम

Bank FD vs Post Office Term Deposit: जून 2026 में पोस्ट ऑफिस की योजनाएं बैंक FD से बेहतर रिटर्न दे रही हैं। 5 साल के निवेश पर NSC 7.7 फीसदी और SCSS 8.2 फीसदी ब्याज दे रही है। सुरक्षा और टैक्स बेनिफिट के लिहाज से भी पोस्ट ऑफिस आगे है।

2 min read
Google source verification
Bank FD vs Post Office Term Deposit

लॉन्ग टर्म में Post Office ज्यादा ब्याज दर दे रहा है। (PC: AI)

BankFD Interest Rates: बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट, जिसे एफडी भी कहा जाता है, दोनों ही स्टेबल रिटर्न देने के लिए जानी जाती हैं। इन याजनाओं में आपकी पूंजी जोखिम रहित निवेश रहती है। साथ ही एक निश्चित समय के लिए फिक्स ब्याज दर मिलने की गारंटी होती है। लेकिन सवाल यह है कि पोस्ट ऑफिस की एफडी और बैंक एफडी में से कहां निवेश करना बेहतर है। आइए जानते हैं।

1 साल के लिए कहां है ज्यादा फायदा

एक साल के निवेश पर पोस्ट ऑफिस की एफडी/टीडी में 6.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं, सरकारी बैंकों की FD में 6 से 6.7 फीसदी और बड़े प्राइवेट बैंकों में 6.25 से 6.75 फीसदी तक ही ब्याज मिल रहा है। इस तरह सरकारी और बड़े प्राइवेट बैंकों की तुलना में पोस्ट ऑफिस की एफडी में ज्यादा ब्याज मिल रहा है। हालांकि, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे संस्थान कुछ खास अवधि पर 7.25 फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं। जो निवेशक पैसे की अचानक जरूरत पड़ने पर निकासी का विकल्प चाहते हैं, उनके लिए बैंक FD बेहतर रहती है, क्योंकि इसमें ऑनलाइन मैनेजमेंट और समय से पहले निकासी आसान होती है।

3 साल के निवेश पर कहां है ज्यादा रिटर्न

तीन साल की अवधि में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट 7.1 फीसदी ब्याज दे रहा है। सरकारी बैंक इसी अवधि पर 6 से 6.7 फीसदी और प्राइवेट बैंक 6.4 से 6.75 फीसदी दे रहे हैं। यानी पोस्ट ऑफिस की एफडी में सरकारी और बड़े प्राइवेट बैंकोंं से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक कुछ अवधियों पर 7.5 फीसदी तक ऑफर कर रहे हैं। लेकिन जो निवेशक सुरक्षा को अहमियत देते है उनके लिए पोस्ट ऑफिस की सरकारी गारंटी छोटे बैंकों के ज्यादा रिटर्न पर भारी पड़ सकती है।

5 साल के निवेश पर डाकघर दे रहा 7.5% ब्याज

पांच साल के निवेश पर फर्क साफ दिखाई देता है। पोस्ट ऑफिस का 5 साल का टाइम डिपॉजिट 7.5 फीसदी ब्याज देता है। इसके मुकाबले सरकारी बैंक 5 साल की FD पर 6 से 6.3 फीसदी और बड़े प्राइवेट बैंक 6.25 से 6.5 फीसदी ब्याज दे रहे हैं। लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश करने वाले निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस योजनाएं फिलहाल ज्यादा अच्छी हैं।

इसके साथ ही पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जाने वाली राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) स्कीम में 5 साल की अवधि पर 7.7 फीसदी और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर 8.2 फीसदी ब्याज दर मिल रही है।

सुरक्षा और टैक्स का पहलू

पोस्ट ऑफिस की सभी योजनाएं भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी के साथ आती हैं, यानी मूलधन और ब्याज दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। बैंक FD पर DICGC के तहत केवल 5 लाख रुपये तक की राशि ही बीमित होती है। यानी कि ऐसी कोई भी स्थिति कि बैंक दिवालिया हो जाए या RBI बैंक का लाइसेंस रद्द कर दे तो आपको केवल 5 लाख रुपये तक की ही राशि मिलेगी।

वहीं, बात करें टैक्स के हिसाब से तो दोनों बचत योजनाओं से मिले ब्याज पर आपको इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ता है। हालांकि, पुरानी टैक्स व्यवस्था में 5 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और NSC पर सेक्शन 80C के तहत छूट मिलती है। यही छूट 5 साल की टैक्स सेविंग बैंक FD पर भी लागू होती है।