
सोने की कीमत में आज गिरावट देखने को मिली है। (PC: AI)
Import Duty on Gold: सोने-चांदी पर बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी सरकार की उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर पायी है। आयात घटने के बजाय सोने की तस्करी और ग्रे मार्केट का कारोबार बढ़ने की शिकायतें सामने आने लगी हैं। जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े के अनुसार, अब केंद्र सरकार इस पॉलिसी की समीक्षा कर सकती है और सोने-चांदी पर आयात शुल्क घटाने को लेकर बातचीत चल रही है। ईटी की एक रिपोर्ट में रोकड़े के हवाले से बताया गया कि सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है। हालांकि, अभी तक शुल्क में कटौती को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
राजेश रोकड़े के मुताबिक, सरकार को उम्मीद थी कि ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से सोने का आयात कम होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आयात पर इसका खास असर नहीं पड़ा, जबकि दूसरी तरफ ग्रे मार्केट तेजी से बढ़ा। उन्होंने कहा कि ज्वेलरी इंडस्ट्री ने पहले ही सरकार को आगाह किया था कि ज्यादा शुल्क से अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। अब जो हालात सामने आ रहे हैं, वे उसी चिंता की ओर इशारा करते हैं। सरकार अब इस नीति की समीक्षा करने के मूड में नजर आ रही है।
रोकड़े के अनुसार, इस मुद्दे पर सरकार पिछले कुछ समय से विचार कर रही होगी और बातचीत निश्चित तौर पर चल रही है। लेकिन फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि सरकार शायद इस फैसले के लिए सही समय का इंतजार कर रही है। यानी आने वाले दिनों में सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव देखने को मिल सकता है, हालांकि अभी इसकी कोई तय तारीख सामने नहीं आई है।
केंद्र सरकार ने मई में सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार और बाहरी खाते पर दबाव को कम करना इसका एक बड़ा मकसद था। सरकार की कोशिश थी कि महंगे आयात पर लगाम लगाई जाए और देश से विदेशी मुद्रा के ज्यादा बाहर जाने को रोका जा सके। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सोने के आयात पर इसका असर उम्मीद के मुताबिक नहीं पड़ा।
भारत चीन के बाद दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल करीब 700 से 900 टन सोने का आयात होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात मूल्य के लिहाज से 24 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 71.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, मात्रा के हिसाब से आयात घटकर 721 टन रहा। यानी सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर आयात के कुल मूल्य पर साफ दिखाई दिया। कम मात्रा में सोना आने के बावजूद डॉलर में आयात बिल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
Updated on:
31 Aug 2026 04:17 pm
Published on:
31 Aug 2026 04:12 pm
