17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेब पर असर: बदल सकती हैं PPF, NSC समेत कई योजनाओं की ब्याज दरें, जानिए अब तक कितना दे रही है सरकार

आंकड़ों के मुताबिक, लगातार पांच तिमाही से पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को वही रखा गया। पोस्ट ऑफिस की पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी बचत योजनाएं चलाई जा रही हैं।  
2 min read
Google source verification

•

image

Ashutosh Pathak

•

Oct 01, 2021

yss.jpg

नई दिल्ली।

ब्याज दरों को लेकर केंद्र सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है। कई सरकारी योजनाओं के ब्याज दरों में प्रत्येक तीन महीने में संशोधन होता है। यह मार्च, जून और सितंबर महीने की तिमाही के लिए होता है।इस वजह से इस बार सरकार 30 सितंबर तक सरकारी योजनाअें के ब्याज दरों को लेकर कुछ नया ऐलान कर सकती है।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस बार पीपीएफ, जीपीएफ और पोस्ट ऑफिस की कुछ योजनाओं के ब्याज दरों में संशोधन हो सकता है। इसका असर आपकी आय पर होगा। यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कमाई बढ़ेगी और दरें घटती हैं, तो कमाई घटेगी। हालांकि, ऐसा भी हो सकता है कि ब्याज दरों को वही रखा जाए, क्योंकि पिछली तिमाही में यानी 30 जून तक छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया था। अब उपभोक्ताओं की निगाहें जुलाई से सितंबर की तिमाही पर टिकी हैं।

यह भी पढ़ें:-वेतन से लेकर एलपीजी तक बदलने वाले हैं कई नियम, 1 अक्टूबर से सीधा आपकी जेब पर होगा असर

आंकड़ों के मुताबिक, लगातार पांच तिमाही से पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को वही रखा गया। पोस्ट ऑफिस की पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी बचत योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हें पुराने ब्याज दरों पर ही रखा गया था। निवेशक उम्मीद जता रहे हैं कि इस बार कमाई बढ़ सकती है और संभवत: इसके लिए सरकार ब्याज दरें बढ़ा सकती है।

पिछली तिमाही के मुताबिक इस समय जो ब्याज दरें लागू हैं उनमें पीपीएफ पर 7.10, एनएससी पर 6.8 प्रतिशत और पोस्ट ऑफिस मंथली सेविंग स्कीम पर 6.6 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। वहीं, पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट पर चार प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। हालांकि, इसका ब्याज प्रत्येक साल पर जुड़ता है।

यह भी पढ़ें:- EPFO ने दी सुविधा अब ऑनलाइन खुद बदल सकेंगे नॉमिनी

इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना में 7.6 प्रतिशत ब्याज है और यह प्रत्येक वर्ष में जुड़ता है। किसान विकास पत्र जो दस साल चार महीने में मैच्योर होता है, उस पर 6.9 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। पांच साल के नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी पर 6.8 प्रतिशत की दर से ब्याज है और यह भी वर्ष में एक बार जुड़ता है।