
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर में गिरावट आई। (फोटो: AI)
Crude Oil Price: वीकेंड के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव का असर ऑयल सेक्टर पर भी दिखा है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से अपस्ट्रीम कंपनियों ONGC और Oil India के शेयर मजबूत हुए। जबकि डाउनस्ट्रीम कंपनियों या ऑयल मार्केटिंग कंपनियों जैसे- IOC, HPCL और BPCL के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। क्रूड ऑयल में तेजी से रिफाइनर्स और फ्यूल बेचने वाली कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।
सोमवार के कारोबार में ONGC का शेयर 1.63 फीसदी बढ़कर 236.90 रुपये पर पहुंच गया। वहीं Oil India का शेयर भी करीब 1.16 फीसदी चढ़कर 411.50 रुपये पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। इनमें IOC, HPCL और BPCL तीनों के शेयर में 2.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से हमलों का होना रहा। इससे दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 58 सेंट यानी 0.8 फीसदी बढ़कर 72.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 88 सेंट यानी 1.3 फीसदी बढ़कर 70.11 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
इस मामूली तेजी से पहले पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 10.6 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। यह लगातार तीसरा सप्ताह था जब ब्रेंट के दाम गिरे थे। होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई थी।
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने शुक्रवार को लगभग चार महीने बाद रास तनूरा टर्मिनल से कच्चे तेल की लोडिंग दोबारा शुरू कर दी। यह टर्मिनल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में स्थित है। हालांकि, रविवार को इसी क्षेत्र में अरामको के एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से 14 लोगों की मौत हो गई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन टर्मिनल पर तेल लोडिंग का काम जारी रहा।
Published on:
29 Jun 2026 12:44 pm
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