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Loan में Guarantor बनना आपको पड़ सकता है भारी, मुकदमें के साथ-साथ संपत्ति भी हो सकती है जब्त

Money vs Relationships: दोस्त या रिश्तेदार को उधार देना या उनके लोन का गारंटर बनना आपकी बचत, क्रेडिट स्कोर और निवेश को नुकसान पहुंचा सकता है।

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लोन में गारंटर बनना जिम्मेदारी का काम है। (PC: AI)

Loan Guarantor Risk: दोस्त या रिश्तेदार को उधार देना या उनके लोन का गारंटर बनना, यह दोनों काम देखने में मामूली लगते हैं लेकिन इनका असर आपकी बचत, निवेश और क्रेडिट स्कोर पर सीधा पड़ सकता है। किसी की मदद करना अच्छी बात है लेकिन जब बात पैसों के लेनदेन से जुड़ी हो तो इस पर सावधानी बरतनी जरूरी है। इसलिए किसी के भी पैसे मांगने या उसके द्वारा लिए जा रहे लोन का गारंटर बनने से पहले कुछ जरूरी बातें समझ लेना बेहद जरूरी है।

गारंटर बनना मतलब खुद कर्जदार बनना

सबसे पहले तो आप यह समझ लें कि अगर आप किसी के बैंक लोन में गारंटर बनते हैं तो बैंक की नजर में आप भी उतने ही जिम्मेदार हैं जितना असली कर्जदार। जब लोन लेने वाला किस्त चुकाना बंद कर देता है या किस्त बाउंस करता है तो बैंक आपसे वसूली शुरू कर सकता है। Indian Contract Act, 1872 की धाराएं 126, 128, 133 और 139 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 318 और 319 भी ऐसे मामलों में लागू हो सकती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि बैंक में किसी लोन का गारंटर बनने से कोई लाभ नहीं मिलता, बल्कि जोखिम उठाना पड़ता है।

क्रेडिट स्कोर पर असर

अगर कर्जदार समय पर किस्त नहीं चुकाता, तो उसका सीधा असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। यह चूक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो जाती है, जिससे भविष्य में आपको खुद कर्ज लेने में दिक्कत हो सकती है या ऊंची ब्याज दर चुकानी पड़ सकती है। इसके साथ ही एक बार गारंटर बन जाने के बाद इस जिम्मेदारी से बाहर निकलना बेहद मुश्किल होता है।

बढ़ेगा आर्थिक बोझ

कर्जदार के लोन न चुकाने पर आप पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है। न केवल केवल मूल राशि, बल्कि उस पर लगा ब्याज और जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है। अगर कर्ज की रकम बड़ी हो, तो यह बोझ लंबे समय तक आपकी आर्थिक स्थिति को कमजोर बना सकता है।

आपके खिलाफ हो सकता है मुकदमा

कर्ज चुकाने में देरी से बैंक या लोन देने वाली संस्था आपके खिलाफ अदालत में जा सकती है। इससे मुकदमेबाजी का खर्च और मानसिक तनाव दोनों एक साथ झेलने पड़ सकते हैं, जो आपकी वित्तीय स्थिति को और खराब कर सकते हैं।

संपत्ति जब्त होने का खतरा

अगर आप पर मुकदमा होता है, तो अदालत के आदेश पर आपकी संपत्ति, जमीन, सोना, चांदी या अन्य मूल्यवान वस्तुएं जब्त की जा सकती हैं। यह सबसे गंभीर जोखिमों में से एक है, इसलिए गारंटर बनने से पहले कर्जदार की आर्थिक स्थिति और चुकाने की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है।

दोस्तों को सीधे उधार देना है खतरनाक

बहुत से लोग सिर्फ इसलिए उधार दे देते हैं क्योंकि मना करने पर बुरा लगेगा। लेकिन यह सोच आपकी फाइनेंशियल ग्रोथ के लिए नुकसानदेह है। जब आपका दोस्त आपसे पैसे उधार लेता है तो यह आपके लिए ज्यादा रिस्की हो सकता है। क्योंकि बैंक के पास लोन वसूली के लिए कानूनी तंत्र, कोलेटरल और रिकवरी प्रोसेस होती है और आपके पास इनमें से कुछ भी नहीं होता। दोस्त या रिश्तेदार अक्सर न तो कोई गारंटी देते हैं और न ही कोई तय रीपेमेंट प्लान। इसके साथ ही बार-बार पैसे मांगना भी भावनात्मक रिश्ता होने की वजह से मुश्किल हो जाता है।