
वित्त मंत्री ने कहा है कि LTCG Tax पर निवेशकों की बात सुनी जाएगी। (PC: AI)
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स एक बार फिर चर्चा में है। विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार से लगातार निकासी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार बजट से पहले इस टैक्स पर निवेशकों की राय सुनेगी। मंगलवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के निवेशक LTCG टैक्स, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और अलग-अलग निवेश विकल्पों पर एक समान टैक्स व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
सीतारमण ने इन मुद्दों पर चर्चा को जरूरी बताया। हालांकि, उनके बयान का मतलब यह नहीं है कि सरकार ने LTCG टैक्स खत्म करने का फैसला कर लिया है। फिलहाल सरकार पहले ही संसद में स्पष्ट कर चुकी है कि घरेलू और खुदरा निवेशकों के लिए LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
वित्त मंत्री के मुताबिक, शेयर बाजार में निवेश से होने वाले मुनाफे पर टैक्स लगाने का तरीका निवेशकों के बीच बहस का विषय बन गया है। बजट से पहले होने वाले विचार-विमर्श में इस पर अलग-अलग पक्षों की राय सुनी जाएगी। उन्होंने कहा कि LTCG टैक्स को लेकर भारतीय और विदेशी निवेशक अपनी बातें रख रहे हैं। बाजार में STT और अलग-अलग तरह के एसेट्स पर एक जैसी टैक्स व्यवस्था लागू करने को लेकर भी चर्चा हो रही है। वित्त मंत्री ने इस बहस को स्वस्थ बहस बताया।
इस बयान से दो अहम सवाल सामने आए हैं। पहला, क्या लंबे समय तक शेयर रखने वाले निवेशकों को LTCG टैक्स में राहत मिल सकती है? दूसरा- क्या शेयर, बॉन्ड और दूसरे निवेश विकल्पों पर टैक्स लगाने के नियमों में बदलाव होगा? हालांकि, इन सवालों का जवाब बजट में सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
LTCG यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स किसी एसेट को निर्धारित अवधि से ज्यादा समय तक रखने के बाद बेचने पर होने वाले मुनाफे पर लगाया जाता है। शेयर बाजार में इसकी दर और छूट के नियम निवेश के प्रकार और लागू प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 20 जुलाई को लोकसभा में बताया था कि घरेलू और खुदरा निवेशकों के लिए एलटीसीजी टैक्स खत्म करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल सरकार के विचाराधीन नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि घरेलू निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के इक्विटी निवेश से होने वाले मुनाफे पर LTCG टैक्स की दर 12.5% है। हालांकि, इस टैक्स के साथ लागू होने वाली छूट और अन्य शर्तें भी ध्यान में रखनी होती हैं। सरकार टैक्स दरों की समय-समय पर समीक्षा करती है। इसमें अर्थव्यवस्था की स्थिति और बजट के दौरान सामने आने वाली जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है।
Updated on:
13 Oct 2026 04:05 pm
Published on:
13 Oct 2026 03:46 pm
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