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Tax On Gold: पुराने सोने के गहने बेचकर नए खरीदें तो भी लग सकता है टैक्स, लेकिन कुछ शर्तें पूरी करके बचा सकते हैं पैसा, जानिए नियम

Gold Jewellery Tax Rules: पुरानी गोल्ड ज्वेलरी को बेचकर या एक्सचेंज कर नई ज्वेलरी खरीदने से हुए लाभ पर टैक्स देना पड़ता है। लेकिन यदि LTCG टैक्स के तहत घर खरीदने की शर्त का पालन किया जाए तो टैक्स बचत की जा सकती है।
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Gold Rate: मार्केट में पुराने सोने की आवक बढ़ रही है। (PC: AI)

Old Gold Jewellery Sale Tax: अगर आप घर में रखे पुराने सोने के गहने बेचने की सोच रहे हैं तो इस पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ सकता है। वहीं, कुछ टैक्सपेयर्स को लग सकता है कि पुराना सोना बेचने से मिली रकम का इस्तेमाल नई सोने की ज्वेलरी खरीदने में करते हैं, तो वे टैक्स देने की जरूरत को कम या पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। लेकिन इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 45(1) के मुताबिक सिर्फ पुराने गहने देकर नए गहने खरीद लेने से उस पर बनने वाला कैपिटल गेन टैक्स खत्म नहीं होता। नियमों के मुताबिक पुराने गहने बेचना और नए गहने खरीदना, दोनों अलग-अलग लेनदेन माने जाते हैं। फिर भी एक तरीका है, जिसके जरिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को बचाया जा सकता है।

पुराने गहने बेचने पर क्यों लगता है टैक्स?

इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 2(14) के तहत सोने, चांदी, प्लैटिनम या अन्य कीमती धातुओं से बने गहनों को कैपिटल एसेट माना जाता है। इन्हें सामान्य इस्तेमाल की निजी वस्तुओं, जैसे कपड़े या फर्नीचर, की तरह टैक्स से बाहर नहीं रखा गया है। हालांकि, टैक्स पूरे बिक्री मूल्य पर नहीं, बल्कि गहने बेचने से हुए मुनाफे यानी कैपिटल गेन पर लगाया जाता है।

एक्सचेंज करने पर भी बन सकता है टैक्स

मान लीजिए आपने पहले 2 लाख रुपये के सोने के गहने खरीदे थे। बाद में उसे 4 लाख रुपये की कीमत वाली नई ज्वेलरी के बदले एक्सचेंज किया, तो इससे होने वाले 2 लाख रुपये के मुनाफे पर टैक्स लग सकता है। यानी नया गहना खरीदने से पुराने गहने की बिक्री या एक्सचेंज से हुआ मुनाफा टैक्स फ्री नहीं हो जाता। अपस्टॉक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स बचत के मकसद से पुरानी ज्वेलरी बेचना या एक्सचेंज करना और नई ज्वेलरी खरीदना अलग-अलग ट्रांजैक्शन माने जाते हैं।

24 महीने के हिसाब से तय होगा टैक्स

अगर सोने का गहना खरीदने के 24 महीने बाद बेचा जाता है, तो उस पर हुआ लाभ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा। इस पर 12.50 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा और खरीद लागत पर इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, अगर गहना 24 महीने से पहले बेच दिया जाता है, तो लाभ शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा और उस पर व्यक्ति की लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।

LTCG टैक्स बचाने का एक ये है तरीका

अगर पुराने सोने के गहने बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो सेक्शन 54F के तहत कुछ शर्तों के साथ छूट मिल सकती है। इसके लिए बिक्री की रकम को तय समय के भीतर एक घर खरीदने में लगाना होगा। वहीं, पूरी बिक्री रकम निवेश नहीं करने पर छूट भी उसी अनुपात में कम हो जाएगी। इसके अलावा एक शर्त यह भी है कि गहने बेचने की तारीख पर आपके पास एक से ज्यादा घर नहीं होने चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)