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Petrol Diesel Price Today: तेल की कीमतों ने बिगाड़ा बजट, जानें आपके शहर में आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

Fuel Rates in India: 15 अप्रैल 2026 को देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1600 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आम जनता के लिए रेट नहीं बदले गए हैं।

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Petrol Price 15 April 2026: इंटरनेशनल बाजार में क्रूड ऑयल में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। हर रोज नए दाम जारी करने के साथ ही 15 अप्रैल 2026 को देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की पुरानी दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, यानी कि फिलहाल पेट्रोल डीजल की कीमतें स्थिर हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में होने वाले बदलाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का सीधा असर हमारी जेब पर पड़ता है।

प्रमुख शहरों के आज के भाव

दिल्ली: पेट्रोल 94.72, डीजल 87.62

जयपुर: पेट्रोल 104.72, डीजल 90.21

लखनऊ: पेट्रोल 94.69, डीजल 87.80

पटना: पेट्रोल 105.58, डीजल 93.80

बेंगलुरु: पेट्रोल 102.92, डीजल 89.02

हैदराबाद: पेट्रोल 107.46, डीजल 95.70

प्राइवेट कंपनियों ने दिया झटका

जहां सरकारी पंपों पर कीमतें स्थिर हैं, वहीं शेल इंडिया (Shell India) जैसी निजी कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। शेल ने 1 अप्रैल को पेट्रोल में 7.41 रुपये और डीजल में 25.01 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। इससे पहले नायरा ने पेट्रोल की कीमत में 5 और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

सरकारी कंपिनयों ने रखा कीमत को स्थिर

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने कीमतों को स्थिर रखा हुआ है। मई 2022 के बाद से सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि, इस बीच कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। ताजा जानकारी के मुताबिक, कंपनियां अभी भी घाटे में चल रही हैं। पेट्रोल पर प्रति लीटर 18 रुपये और डीजल पर 35 रुपये का नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई 10 रुपये की कटौती का फायदा जनता को न मिलकर कंपनियों के घाटे की भरपाई में जा रहा है।

कैसे तय होती है ईंधन की कीमत?

  • पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला सरकारी टैक्स इसकी कीमत को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की रेट का असर सीधे पेट्रोल डीजल की कीमतों पर पड़ता है।
  • डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट से भी तेल की कीमतों में वृद्धि होती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल डॉलर में खरीदा जाता है।
  • मांग और आपूर्ति के अंतर की वजह से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है।

इन सब कारणों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहता है।