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Tata Chemicals और TCS से लेकर टाटा मोटर्स तक, टाटा ग्रुप के शेयरों में आज आया 20% तक का उछाल, क्या है वजह?

Why Tata Group Stocks Rise: आरबीआई द्वारा टाटा संस को प्राइवेट कंपनी का दर्जा बनाए रखने की अर्जी खारिज करने के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में तेज उछाल आया। Tata Chemicals 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया, जबकि Tata Investment Corporation 15% चढ़ा।
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भारत

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Pawan Jayaswal

Sep 15, 2026

Tata Chemicals Share

टाटा केमिकल के शेयर में कारोबार के दौरान 20% का अपर सर्किट लगा। (PC: AI)

Tata Group के शेयरों में आज मंगलवार को अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली है। टाटा केमिकल्स के शेयर में सुबह 11 बजे 20 फीसदी का अपर सर्किट देखने को मिला। टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन का शेयर भी करीब 15 फीसदी चढ़ गया। इसके साथ ही टीसीएस, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, टाटा एलेक्सी और टाटा टेक्नोलॉजीज में भी 5 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली। उधर टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर भी करीब 2 फीसदी ऊपर कारोबार करते नजर आए। बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को माना जा रहा है।

टाटा ग्रुप के शेयरों में क्यों आई तेजी?

मामला Tata Sons से जुड़ा है, जो Tata Group की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने खुद को अपर लेयर एनबीएफसी (UL-NBFC) के तौर पर रजिस्ट्रेशन से बाहर करने की मांग की थी। टाटा संस ने मार्च 2024 में आरबीआई के सामने यह आवेदन दिया था। लेकिन केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को इसे मंजूरी नहीं दी। अब बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट होना पड़ सकता है। यही उम्मीद टाटा ग्रुप की उन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ा रही है, जिनकी टाटा संस में हिस्सेदारी है।

Tata Sons को लिस्ट कराने का नियम क्या है?

आरबीआई ने सितंबर 2022 में अपर लेयर एनबीएफसी को लेकर नियम जारी किए थे। इसके तहत 1 लाख करोड़ रुपये या उससे ज्यादा एसेट वाली कोर इन्वेस्टमेंट कंपनियों को तय समयसीमा में शेयर बाजार में लिस्ट करना जरूरी किया गया था। टाटा संस भी इसी दायरे में आती है। कंपनी ने हालांकि अपनी प्राइवेट कंपनी की स्थिति बनाए रखने की कोशिश की है। अब आरबीआई के फैसले के बाद टाटा संस के सामने लिस्टिंग की राह खुलती नजर आ रही है। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है।

टाटा संस RBI के फैसले को चुनौती दे सकती है

टाटा संस के सार्वजनिक रूप से लिस्ट होने को लेकर टाटा ट्रस्ट्स की तरफ से पहले से ही आपत्ति जताई जाती रही है। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 65.9 फीसदी हिस्सेदारी है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन Noel Tata और ज्यादातर ट्रस्टी यह रुख रख चुके हैं कि देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह की होल्डिंग कंपनी को प्राइवेट ही रहना चाहिए। ऐसे में टाटा संस RBI के इस फैसले को चुनौती देती है या नहीं, इस पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Tata Chemicals समेत ग्रुप की कंपनियों को क्या होगा फायदा?

टाटा संस की संभावित लिस्टिंग से सिर्फ होल्डिंग कंपनी पर ही असर नहीं पड़ेगा। इसका फायदा उन लिस्टेड टाटा कंपनियों को भी मिल सकता है, जिनके पास टाटा संस की हिस्सेदारी है। स्पार्क केपिटल के डायरेक्टर ऑफ रिसर्च, प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट Devang Bhatt के मुताबिक, टाटा संस की लिस्टिंग से इन निवेशों की सही बाजार कीमत सामने आ सकती है। अभी टाटा संस में लगी रकम को आसानी से बाजार भाव में नहीं आंका जा सकता, क्योंकि कंपनी खुद शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।

टाटा केमिकल्स इसका एक प्रमुख उदाहरण है। कंपनी के पास टाटा संस में निवेश है। अगर टाटा संस शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो इस हिस्सेदारी की वैल्यू बाजार में ज्यादा साफ तरीके से दिखाई दे सकती है। हालांकि, यहां पेंच भी है। टाटा संस की लिस्टिंग किस वैल्यूएशन पर होती है और अलग-अलग टाटा कंपनियों की उसमें कितनी हिस्सेदारी है, इसका असर हर कंपनी के शेयर पर अलग-अलग पड़ सकता है। यानी फिलहाल बाजार ने उम्मीद पर दांव लगाया है। अगर टाटा संस की लिस्टिंग का रास्ता वास्तव में खुलता है तो टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के लिए यह बड़ा वैल्यू अनलॉक करने वाला कदम साबित हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

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