
RBI Digital Fraud Compensation (Image: Gemini)
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों में एक नया केस सामने आया है। पुणे के 75 साल के एक रिटायर्ड डॉक्टर को सिर्फ 11 दिनों में पैसा दोगुना करने का लालच दिखाकर 12 करोड़ 31 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस पूरे मामले की शुरुआत हुई एक व्हाट्सएप मैसेज हुई। साइबर फ्रॉड का यह कोई अकेला मामला नहीं है। देश में ऐसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं और निशाने पर वे लोग जो शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं।
इस तरह के स्कैम की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से होती है। ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश पर बड़े रिटर्न का वादा किया जाता है। पुणे के डॉक्टर के मामले में उन्हें "VIP Stock 24" नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में रोज फर्जी एक्सपर्ट की सलाह, फर्जी सक्सेस स्टोरीज और बड़े मुनाफे के स्क्रीनशॉट शेयर किए जाते थे ताकि पीड़ित का भरोसा जीता जा सके।
व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा होने के बाद उन्हें एक ट्रेड़िंग ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। ऐप देखने में किसी इंटरनेशनल फाइनेंशियल कंपनी जैसी लगती थी। ऐप पर फर्जी प्रॉफिट दिखाया जा रहा था जिससे डॉक्टर को लगा कि वाकई पैसा बढ़ रहा है। इसी भरोसे में उन्होंने कई बार में कुल 12 करोड़ 31 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो उन्हें प्रॉपर्टी जब्त करने की धमकी दी गई और भावनात्मक दबाव भी बनाया गया। तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगे जा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट नीशांत शोकीन का कहना है कि फ्रॉड के तरीके भले ही एडवांस होते जा रहे हैं, लेकिन उनकी बुनियादी चाल वही पुरानी है। जल्दी और ज्यादा रिटर्न का वादा। उनके मुताबिक पढ़े-लिखे लोग भी इस जाल में फंस जाते हैं क्योंकि ठग अब बहुत प्रोफेशनल तरीके से काम करते हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर इस तरह के फ्रॉड से बचा कैसे जाए। नीचे 5 अहम बातें बताई जा रही हैं जो आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती हैं।
Published on:
13 Apr 2026 03:42 pm
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