
नई दिल्ली। भविष्य इलेक्ट्रिक कारों (Electric cars) यानी ग्रीन कारों का है। यह हम नहीं सरकार कह रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है मोटर कारों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक कारों के रखरखाव (Electric car maintenance ) में 70% तक कम खर्च। दूसरी ओर सरकार भी 2047 तक 100 फीसदी तेजी से बढ़ावा दे रही है। यही वजह है कि देश-विदेश की ऑटो मोबाइल कंपनियां (automobile companies) भारत में ई-व्हीकल लॉन्चिंग (E vehicles launching) पर ज्यादा जोर दे रही हैं। इस साल सस्ती से लेकर प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें (Premium Electric Cars) लॉन्च होंगी। इनकी कीमत 8.5 लाख से लेकर एक करोड़ तक होगी।
अब आपको रोजाना बढ़ रही तेल की कीमतों से परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। इन कारों को खरीदने के बाद एक रुपये प्रति किलोमीटर की दर से यात्रा कर सकते हैं। जबकि मोटर कार की अपेक्षा यह 70 फीसदी कम है। इलेक्ट्रिक कारों का कम खर्चीला होना उन्हें आकर्षक बनाता है। मोटर कारों की सर्विसिंग में 10 से 20 हजार तक का खर्च आता है। जबकि इनका कम खर्चीला होना ही आकर्षक बनाता है। इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी का ही मुख्य खर्च होता है, जिसे पांच से सात साल में बदलवाना होता है।
घटेगा प्रदूषण, बढ़ेगा विदेशी मुद्रा भंडार
कार्बन डाइऑक्साइड भी करीब-करीब नहीं के बराबर छोड़ती हैं। इससे वायु प्रदूषण में ३० फीसदी घटेगा। डीजल व पेट्रोल की खपत कम होगी। इससे देश में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा।
स्पीड में सुपरफास्ट
- 150-600 किमी तक की दूरी तय करेगी एक बार चार्जिंग से
- 2 से 4 घंटे में फुल चार्ज फास्ट चार्जिंग प्वाइंट के प्रयोग से
- 6-10 लाख के बीच है इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती कीमत
- 5 से 10 सेकंड में 0 से 100 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार
2021 का बाजार
- 2021 में महिंद्रा, टाटा, ह्यूदै, टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारें आएंगी
- जगुआर, मर्सिडीज बेंज , ऑडी, बीएमडब्ल्यू, पोर्शे प्रीमियम कैटेगरी में उतार रहीं कारें
- 10 इलेक्ट्रिक कारों के मॉडल बाजार में होंगे
इसलिए सबसे सस्ती....
इसलिए कोई भी खरीद सकता है...
(10 लाख रुपए की इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो कितने रुपए बचेंगे? ऐसे समझें।)
1 लाख 20 हजार बचेंगे
- 10 लाख की कार पर 12 फीसदी (1.2 लाख) जीएसटी की बजाय 5 फीसदी (50 हजार) जीएसटी
50 हजार की बचत
- बैंक कार की कीमत का 90 फीसदी तक लोन कर रहे हैं। यानी कोई भी ले सकता है।
- 50 हजाररुपए की सालाना बचत होगी ब्याज पर आयकर में छूट पर (५-१० लाख सालाना आय वर्ग की।)
2024 में धूम मचाने आ सकती है Apple iCar, बैटरी होगी सबसे हटकर
- 37 फीसदी कार्बन का उत्सर्जन कम होगा इलेक्ट्रिक कारों से
- 100 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार 2030 तक होने की घोषणा
- 40 फीसदी कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों का लक्ष्य, 2047 तक 100 फीसदी
- 2025 तक भारत, जापान को पीछे छोड़ दुनिया का तीसरा बड़ा बाजार होगा
(सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर के अनुसार)
- 4 पहिया गाड़ी खरीदने पर 1.5 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जाएगी
- इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर रोड टैक्स में भी छूट दे रही सरकार
5 चुनौतियों पर काम हो रहा
1- इलेक्ट्रिक कार में बैटरियों की सबसे अधिक खर्च
2- एक निश्चित समय पर बैटरी को बदलना आवश्यक
3- एक बार चार्जिंग से सीमित दूरी ही तय कर पाना
4- लंबी दूरी के लिए अभी देश में चार्जिंग स्टेशन नहीं
5- चार्जिंग के लिए 5-8 घंटे व फास्ट चार्जर से 2 घंटे
...तो घटेगी कीमत
लिथियम आयन बैट्री क्यों रोड़ा
इलेक्ट्रिक कारों में लिथियम आयन बैट्री प्रयोग होती है। इसमें लिथियम, कोबाल्ट, मैगनीज व निकिल धातु होती है। इसको बोलिविया, चिली व कांगो से आयात करना होगा। विश्व का 60 फीसदी लिथियम बोलिविया व चिली में, 60 फीसदी कोबाल्ट कांगो में है। इनकी कम उपलब्धता से बैट्री की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि चीन ने भविष्य को देखते हुए इन देशों में धातुओं की खदानों को खरीद लिया है।
Updated on:
02 Jan 2021 12:13 pm
Published on:
02 Jan 2021 12:07 pm
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