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नितिन गडकरी ने आखिर क्यों की Honda City Hybrid की चेकिंग! जानिए सरकार से क्या चाहती है कंपनी

होंडा सिटी माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम के विपरीत, सिटी ई: एचईवी एक 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन का उपयोग करती है, जिसे दो इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ जोड़ा जाता है। ताकि संयुक्त 124 बीएचपी की पावर और 253 एनएम का टार्क निकाला जा सके।

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Honda City Hybrid

होंडा कार इंडिया ने हाल ही में अपनी सिटी हाइब्रिड को लॉन्च किया। इस कार की लांचिंग को महज कुछ ही दिन बीत हैं, और कंपनी ने खुलासा किया है, कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से
कंपनी के अधिकारी ने मुलाकात की। इस मुलाकात की खास बात यह रही कि अधिकारियों से मिलने के अलावा नितिन गडकरी ने नई सिटी ई: एचईवी (Honda City e: HEV) हाइब्रिड को भी "चेक आउट" किया। कंपनी ने एक ट्वीट में इस बात की जानकारी दी। जिसमें उन्होंने कहा कि "होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड में यह हमारे लिए गर्व का क्षण था, जब भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम में से समय निकाला और होंडा सिटी हाइब्रिड को भी चेक आउट किया।

बता दें, Honda City e: HEV को इस महीने की शुरुआत में भारत में लॉन्च किया गया था और यह कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में एक मजबूत हाइब्रिड सेट-अप की पेशकश करने वाला पहला वाहन है। जिसकी कीमत 19.50 लाख रुपये तय की गई है, होंडा सिटी हाइब्रिड पूरी तरह से लोडेड जेडएक्स वेरिएंट तक ही सीमित है, इतना ही नहीं होंडा सिटी हाइब्रिड एडीएएस तकनीक प्राप्त करने वाली सेगमेंट की पहली कार भी है। जिसका माइलेज 26.5 kmpl पर आंका गया है।






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होंडा सिटी माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम के विपरीत, सिटी ई: एचईवी एक 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन का उपयोग करती है, जिसे दो इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ जोड़ा जाता है। ताकि संयुक्त 124 बीएचपी की पावर और 253 एनएम का टार्क निकाला जा सके। बता दें, यह सेडान सीमित रेंज के लिए अकेले इलेक्ट्रिक पावर पर चलने में सक्षम है, जिसमें इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर वैकल्पिक रूप से या ड्राइविंग शैली या ड्राइव मोड के आधार पर काम करते हैं। होंडा का कहना है कि उसे बाजार से होंडा सिटी को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। बुकिंग की संख्या साझा किए बिना होंडा ने कहा कि मौजूदा ऑर्डर को पूरा करने में कम सम कम छह महीने से अधिक समय लगेगा।


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बताते चलें, कि केंद्र सरकार भारत में इंपोर्ट फ्यूल बिल कम करना चाहती है। फिलहाल, केंद्र इथेनॉल और हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधन पर जोर दे रहा है, और ऐसे इंजनों को भारतीय बाजार तक पहुंचने में समय लगेगा। इसी बीच कारों की ईंधन दक्षता बढ़ाने के लिए हाइब्रिड सबसे आसान और बेहतर विकलप है, हालांकि, हाइब्रिड वाहनों को भारत में इलेक्ट्रिक कारों की तरह कोई कर लाभ नहीं मिलता है। देखना होगा कि होंडा के अधिकारी और नितिन गडकरी की बातचीत पर कंपनी कब प्रतिक्रिया देती है।