BS6 नॉर्म्स के लागू होने की वजह से कंपनियां कई गाड़ियों का प्रोडक्शन बंद कर रही हैं। दरअसल बीएस6 पेट्रोल वीइकल्स को बीएस4 फ्यूल पर चलाया जा सकता है, लेकिन डीजल गाड़ियों के मामले में ऐसा नहीं है। फ्यूल की उपलब्धता भी एक अहम पहलू है, क्योंकि इंजेक्टर्स और फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम को फ्यूल की गुणवत्ता के जरिए नियंत्रित किया जाएगा । यही वजह है कि लगभग एक दर्जन डीजल गाड़ियां अब रोड से बिदाई ले लेंगी। क्योंकि इन गाड़ियों को अपग्रेड करने का बाद जो कीमत लेगी होगी वो काफी ज्यादा होगी।इन सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट बात ये है कि हमारे पास अभी डीजल गाड़ियों का कोई विकल्प नहीं है।