
(चंडीगढ): पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति सीटों के लिए पिछले 19 सितम्बर को कराए गए मतदान के सभी नतीजे रविवार तक घोषित कर दिए गए। नतीजों के अनुसार प्रदेश में 22 जिला परिषद की कुल 354 सीटों में से कांग्रेस ने 331 सीटें जीत ली। इसी तरह पंचायत समिति की कुल 2899 सीटों में से 2351 सीटें कांग्रेस ने जीती है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव पार्टी चिन्ह पर लडे गए थे। प्रदेश में 22 जिला परिषद की कुल 354 सीटें है। इनमें से अकाली दल ने 18 और भाजपा ने दो जिला परिषद सीटें जीती है। आम आदमी पार्टी का खाता खाली रहा है। प्रदेश की 150 पंचायत समितियों की 2899 सीटों में से कांग्रेस ने 2351 सीटें जीती है। अकाली दल ने 353 और भाजपा ने 63 सीटें जीती है। आम आदमी पार्टी ने 20 भाकपा ने एक,अकाली दल-अमृतसर ने दो और माकपा ने दो सीटें जीती है। अन्य के खाते में 107 सीटें गई है।
मुख्यमंत्री केप्टेन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस की इस जीत पर कहा है कि लोगों ने कांग्रेस में विश्वास व्यक्त करते हुए पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग के विपक्ष के आरोप को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हारने वाले के पास इसके अलावा कहने के लिए कुछ और नहीं हो सकता है। हारने वाला यह नहीं कहेगा कि उन्होंने लोकप्रियता खो दी है।
उन्होंने कहा कि यह जीत कांग्रेस की विकास आधारित नीतियों और जन हितैषी कदमों का परिणाम है। अकाली दल ओर अन्य विपक्षी दलों की हार का कारण यह है कि लोगों ने उनकी साम्प्रदायिक राजनीति को नकार दिया। लोगों ने कांग्रेस की विकास व धर्मनिरपेक्षता की नीति को समर्थन दिया है।
उधर आम आदमी पार्टी विधायक ओर नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह विपक्ष की नहीं बल्कि लोकतंत्र की हार है। आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर चुनाव जीता।
Updated on:
23 Sept 2018 08:17 pm
Published on:
23 Sept 2018 08:17 pm
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