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केजरीवाल का पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन से इनकार,कैप्टेन अमरिंदर सरकार पर लगाएं ऐसे संगीन आरोप

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग पिछली प्रकाश सिंह बादल सरकार की गंदी राजनीति, भ्रष्टाचार और ड्रग संकट से पीडित थे और इसलिए उन्होंने कांग्रेस को वोट दिए..
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चंडीगढ़ पंजाब

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Prateek Saini

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Updated: 20 Aug 2018, 1:59 PM IST

(चंडीगढ): आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल रविवार को पंजाब के बरनाला में थे। वे बरनाला जिले के गांव पण्डोरी में पार्टी विधायक कुलवन्त सिंह के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने जनता से चुनाव के दौरान किए वायदे पूरे नहीं किए। अमरिंदर सरकार ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। जनता ने इस सरकार से अपनी आशाएं छोड दी है। केजरीवाल ने पंजाब में कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन करने से इनकार किया।

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग पिछली प्रकाश सिंह बादल सरकार की गंदी राजनीति, भ्रष्टाचार और ड्रग संकट से पीडित थे और इसलिए उन्होंने कांग्रेस को वोट दिए। लेकिन अब पंजाब के लोग मेरे पास आकर कह रहे हैं कि कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने सत्ता में एक साल पूरा कर लेने पर भी एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया है। रोजगार,पेंशन और स्मार्ट फोन जैसा एक भी चुनावी वायदा अमरिंदर सिंह ने पूरा नहीं किया। पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने घर-घर जाकर रोजगार,पेंशन,कर्ज माफी और स्मार्ट फोन के फार्म भरवाए थे। क्या इनमें से एक भी वायदा पूरा किया गया?

केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से जल्दी-जल्दी पंजाब आने का वायदा किया। उनके साथ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया व संगरूर के सांसद भगवन्त मान भी थे। पण्डोरी गांव जाने से पहले केजरीवाल पार्टी विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर के बरनाला स्थित निवास पर पार्टी विधायकों से मिले। पण्डोरी गांव में पार्टी के मेहलकला से विधायक कुलवन्त सिंह के पिता के निधन पर भोग रस्म रखी गई थी। केजरीवाल दिल्ली से ट्रेन में संगरूर पहुंचे थे और वहां से सडक मार्ग से बरनाला पहुंचे। पण्डोरी गांव में भोग रस्म में पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैहरा भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे लेकिन केजरीवाल और खैहरा के बीच बातचीत नहीं हुई। यहां तक कि दोनों ने एक दूसरे की ओर देखा भी नहीं।