अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में जून 1984 में सेना द्वारा उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए किए गए आॅपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान 365 लोग गिरफ्तार कर जोधपुर जेल में रखे गए थे। इन जोधपुर जेल के बेदियों में से करीब 224 बंदियों ने अपने को निर्दोष बताते हुए जेल में रखे जाने के बदले मुआवजे की मांग को लेकर अमृतसर की निचली अदालत में अर्जी दाखिल की थी लेकिन यह अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद इनमें से चालीस बंदियों ने अमृतसर के सत्र न्यायालय में मुआवजे के लिए अर्जी दायर की थी। लंबी सुनवाई के बाद अमृतसर के सत्र न्यायालय ने पिछले साल प्रति बंदी चार लाख रूपए और मुआवजा अर्जी दाखिल करने की तिथि से छह प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ मुआवजा राशि के भुगतान का आदेश दिया था। अदालत ने यह मुआवजा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आधा-आधा भुगतान करने का आदेश दिया था।