
covid-19
चेन्नई. सक्रिय कोविड मामलों के साथ 1,500 से कम और दैनिक मामलों में लगातार गिरावट के साथ शहर के सरकारी अस्पतालों में आउट पेशेंट विभागों में आने वाले रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अप्रेल में जैसे-जैसे कोविड के मामले बढ़ रहे थे, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आर नारायण बाबू ने अस्पतालों को निर्देश दिया था कि स्थिति में सुधार होने तक कॉस्मेटिक सर्जरी सहित वैकल्पिक सर्जरी में कटौती करें। उन्होंने अस्पतालों को आपातकालीन और जीवन रक्षक सर्जरी को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया था। मंगलवार को डॉक्टरों ने कहा कि गैर-आपातकालीन सेवाएं पूरे जोरों पर फिर से शुरू हो गई हैं।
सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ. पी. बालाजी ने कहा कि हमने गैर-आपातकालीन सेवाओं में कटौती की थी, लेकिन अब सभी गैर-वैकल्पिक सर्जरी और गैर-आपातकालीन सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया है। बस सेवा बहाल होने के साथ ही बड़ी संख्या में मरीजों का आना शुरू हो गया है। अस्पताल ने मंगलवार को लगभग 5,000 रोगियों का इलाज किया। डॉ बालाजी ने कहा कि कोविड के मामले कम होने के बाद अस्पताल ने तीन ब्लॉकों को संशोधित करना शुरू कर दिया, जिन्हें गैर-कोविड मामलों के इलाज के लिए कोविड ब्लॉक के रूप में परिवर्तित किया गया था। अस्पताल में मंगलवार को भर्ती होने पर 317 कोविड रोगी थे और बेड 2,500 से घटाकर 1,500 कर दिया है।
आउट पेशेंट मरीज बढ़े
राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल के डीन डॉ ई थेरानीराजन ने कहा, हमने कभी भी गैर-आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से नहीं रोका। चरम कोविड समय के दौरान आउट पेशेंट मामले प्रति दिन लगभग 4,000 थे, लेकिन अब बढ़कर लगभग 7,000 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हम उन ब्लॉकों की मरम्मत कर रहे हैं जो कोविड के मामलों में कमी आने के बाद खाली हो गए हैं। लोग गैर-कोविड उपचार के लिए आ रहे हैं, लेकिन हमने अभी तक सभी गैर-कोविड मामलों का पूरी तरह से इलाज शुरू नहीं किया है।
Published on:
23 Jun 2021, 11:15 PM IST
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